सिलेबस अधूरा कैसे देंगे परीक्षा
भास्कर न्यूज Wednesday, November 04, 2009 09:21 [IST]  

रायगढ़. कालेज में आने के बाद सेल्फ स्टडीज करना पड़ता है और बहुत ही कम पढ़ाई के सामान के साथ बैग की जरुरत नहीं पड़ती ऐसी मेंटलिटी सभी की रहती है। इसी सोच के इस बार भी पूरी तरह से खरा बताया है शहर के अलग-अलग कालेजों के प्रोफेसरों ने अब वो चाहे जेआईटी जैसे बड़ी संस्था में पढ़ने वाले छात्र हों या फिर डिग्री कालेज के छात्र। कालेज में पढ़ाने के साथ-साथ पढ़ने के तौर-तरीकों में भी बदलाव आता है।



बच्च जितना स्कूल में अटेंटिव और मेहनती होता है उतना कालेज में नहीं । रोज नए रंगीन परिधान और बस्ते के गायब होने से उनकी स्वतंत्रता बढ़ जाती है और वे पढ़ाई के प्रति उतने समर्पित नहीं हों पाते ये सभी बाते कालेजों में पढ़ाने वाले प्राफेसर भली-भांति जानते हैं क्याेंकि उनके सामने इस प्रकार के बच्चे आते और जाते रहते हैं। परीक्षा आते ही कालेज के छात्रों के आंख खुलते हैं कि उन्हे भी पेपर देना है।



सीएसवीटीयू द्वारा संचालित दो इंजीनियरंग कालेज में अगले सप्ताह से चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षाएं आरंभ हो रही है इसके बाद फोर्थ सेम और फिर बाकी की सभी सेम पर इन दोनों कालेजों में सिलेबस का हाल तो बुरा ही है। जेआईटी में जहां ऐकेडमिक सेशन के अनुसार कोर्स पूरा हो चुका है पर यदि इनके यहां कोर्स यदि पूरा हो जाता तो सौ से भी अधिक छात्र प्रायवेट ट्यूशन नहीं लेते।



केआईटी का तो हाल और भी बुरा है हड़ताल और विवादों के कारण अभी पीएल चालू होने तक यहां भी कोर्स पूरा नहीं हुआ। बिना सिलेबस पढ़े छात्र अब परीक्षा देने को तैयार हैं। इन सब से बुरा हाल गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के अंर्तगत आने वाले शहर के कालेजों का जहां तो सेशन झंडा से लेकर झंडा तक रहता है मतलब कि 15 अगस्त के बाद से आरंभ और 26 जनवरी के बाद समाप्त। यहां तो पढ़ाई का माहौल और भी खराब है कोर्स क्या होता है छात्रों को तो मालूम ही नहीं ।



जुगाड़ से भरोसे



कोर्स पूरा न होने की वजह से छात्र तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। इसके लिए कुंजी,गाइड व क्योसचन बैंक (क्यूबी) के भरोसे बैठ पेपर निकालने की जुगत जमा रहे हैं। प्रीपरेशन लीव (पीएल) में पढ़ाई का भार और तनाव छात्रों के चेहरों सहज ही देखा जा सकता है। छात्र भी जमकर रातजाग कर अपनी पढ़ाई कर रहे हैं।

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