नई दिल्ली. अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने खुलासा किया हैं की पिछले महीने गिरफ्तार किए गए डेविड कोलमन हेडली और तहव्वुर हुसैन राणा लश्कर-ए-तैयबा के एक बड़े आतंकी हमले के षड्यंत्र में शामिल थे। उनका इरादा डेनमार्क के अखबार के ऑफिस और दिल्ली नेशनल डिफेन्स कॉलेज पर हमला करना था। यह जानकारी एफबीआई ने कोर्ट को दी है।
शिकागो के एक कोर्ट में राणा की जमानत का विरोध करते हुए अमेरिका के विधि विभाग के अटॉर्नी ने कहा की रिहा किए जाने पर राणा समाज के लिए खतरनाक साबित हो सकता हैं और देश छोड़ कर भाग भी सकता हैं। दोषी पाए जाने पर राणा को अधिकतम 30 सालों की सजा हो सकती हैं। राणा पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक हैं,जिसे एफबीआई ने एक आतंकी हमले का षड्यंत्र रचने के आरोप में उसके अमेरिकी दोस्त हेडली के साथ गिरफ्तार किया था। दोनों पर डेनमार्क और भारत में आतंकी हमले का षड्यंत्र का आरोप हैं।
हेडली की जमानत याचिका की सुनवाई दिसम्बर में होनी हैं एफबीआई ने दोनों के बीच हुई बातचीत को 7 सितंबर को रिकॉर्ड की थी,जिसमें दिल्ली के नेशनल डिफेन्स कॉलेज का एक लक्ष्य के रूप में जिक्र था। एफबीआई ने अदालत को बताया कि रेकॉर्डेड बातचीत में हेडली और राणा ने दूसरे टारगेट्स के बारे में भी चर्चा की।