नई दिल्ली. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा और उनके सहयोगियों ने सरकारी योजनाओं में भी धन लगा रखा था, जिससे उन्हें 30 करोड़ रुपए से अधिक मुनाफा हुआ था। इस बात का खुलासा पूर्व मुख्यमंत्री और उनके साथियों के ठिकानों पर लगातार चौथे दिन मारे गए छापों में जब्त दस्तावेजों से हुआ है। तेज कार्रवाई में जुटी आयकर टीम को सहयोग देने के लिए दिल्ली से प्रवर्तन निदेशालय की एक टीम रवाना हो चुकी है।
ऐसा हुआ ब्लैक का व्हाइट आयकर विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कोड़ा और उनके साथियों ने धन कमाने के लिए उत्तरप्रदेश में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतिकरण योजना में करीब 150 करोड़ रुपए निवेश कर रखे थे। इससे करीब 30 करोड़ रुपए का लाभ भी दिखाया गया है। आयकर को शक है कि ऐसा करके कोड़ा और उनके साथी काले धन को सफेद करने में लगे थे।
सहयोगी भी कम नहींदो फर्मो अंजनी पुत्र इस्पात लिमिटेड और क्रिएटिव फिस्कल सर्विसेज के माध्यम से कोड़ा व उनके सहयोगी विनोद सिन्हा और संजय चौधरी ने करीब चार सौ करोड़ रुपए का निवेश कई सरकारी योजनाओं में किया है। इन योजनाओं से लाभ भी दिखाया गया है और अर्जित धनराशि को थाइलैंड, सऊदी अरब में निवेश किया गया है। कोड़ा के एक अन्य साथी वीरेंद्र मुखिया के घर से मिले दस्तावेज के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री ने शीशा बनाने वाली एक कंपनी इंडो असाही में 30 करोड़ रुपए लगा रखे हैं।
पूर्व राज्य मंत्री भी शामिल!
महाराष्ट्र के एक पूर्व कांग्रेसी मंत्री भी मधु कोड़ा के मामले में फंस सकते हैं। प्रवर्तन निदेशालय के सूत्रों के अनुसार महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री भी कोड़ा के हवाला कारोबार का जरिया रहे हैं। रांची में झारखंड के एक पूर्व मंत्री के घर पर पड़े छापे में इस बात के सबूत मिले हैं।
छह के खिलाफ समन
आयकर (अनुसंधान) महानिदेशक अंजनि कुमार ने बताया कि कोड़ा समेत छह के खिलाफ समन जारी किया गया है। कोड़ा के अलावा विनोद सिन्हा, संजय चौधरी, अशोक चौधरी, वीरेंद्र मुखिया और शीतला को छह नवंबर तक मुख्य आयकर कमिश्नर के सामने हाजिर होने को कहा गया है। कुमार के मुताबिक कोड़ा विभागीय जांच में मदद नहीं कर रहे हैं। इस कारण छापे की कार्रवाई लंबी होती जा रही है। उन्होंने कहा कि आयकर अधिकारी अपोलो अस्पताल में कोड़ा का इलाज कर रहे डाक्टरों से संपर्क में हैं। डाक्टरों ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य के बारे में बुधवार को पैथोलॉजी जांच रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
क्या है मामला?
दो हजार करोड़ रुपए के हवाला लेनदेन के आरोपों से घिरे झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री ३८ वर्षीय कोड़ा के नौ शहरों में स्थित ७क् ठिकानों पर शनिवार को छापे मारे गए थे। प्रवर्तन निदेशालय ने पंद्रह दिन पहले उनके खिलाफ अरबों रुपए के हवाला लेनदेन में शामिल होने का मामला दर्ज किया था। अधिकारियों ने हाल ही में दावा किया है कि उन्हें ५६क् करोड़ रुपए के लेनदेन की पुष्टि करने वाले दस्तावेज मिल गए हैं।
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