वॉशिंगटन। पाकिस्तानी सेना राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को लोकतांत्रिक व राजनीतिक माध्यम से अपदस्थ करने की साजिश रच रही है। उसे डर है कि अमेरिका के दबाव में कहीं जरदारी सेना को नागरिक सरकार के नियंत्रण में न ले आएं।
यह आशंका खुफिया मामलों के एक प्रमुख अमेरिकी विचार समूह स्ट्रैटफोर ने जताई है। समूह के अनुसार पाकिस्तानी सेना को यह डर भी सता रहा है कि अगले वर्ष अक्टूबर में सेना के कई शीर्ष जनरलों के रिटायर होने के बाद जरदारी अपने मन-मुताबिक सेना अधिकारियों की नियुक्ति कर सकते हैं।
स्ट्रैटफोर के अनुसार, देश में तालिबान के सिर उठाने और विरोधी ताकतों के मजबूत होने से जरदारी की स्थिति कमजोर हुई है। ऐसे में अमेरिकी प्रशासन के प्रति झुकाव रखने के कारण उनकी स्थिति और भी कमजोर हो सकती है। समूह ने यह भी कहा है कि घरेलू हालात और अमेरिका के दबाव की वजह से पाक सेना देश की लोकतांत्रिक सरकार का तख्ता पलटने की ताकत नहीं रखती। ऐसे में वह राष्ट्रपति के खिलाफ ताकतों को एकजुट करने में मदद दे रही है, ताकि उन्हें पद से हटने पर मजबूर किया जा सके।