लखीमपुर-खीरी. यहाँ के पत्रकार बरकत अली को जेल भेजे जाने से नाराज पत्रकारों ने आन्दोलन का फैसला किया है।जिला पंचायत हाल में यहाँ पत्रकारों की बैठक हुई। बैठक में पत्रकारों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि पत्रकारों के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज करने वालों को बर्खास्त करने के लिए कानूनी लड़ाई के साथ अहिंसात्मक आन्दोलन किया जाए। यह अहिंसात्मक आन्दोलन भ्रष्ट अफ्सरों की बर्खास्तगी व उनको जेल भेजवाने तक जारी रहेगा।
बैठक में पत्रकारों ने दैनिक वायस आफ लखनऊ के संवाददाता बरकत अली को डीएफओ आरसी झा, वन रेंजर मैलानी केपी सिंह, वन रेंजर अनिल कुमार श्रीवास्तव, एसपी खीरी नीलेश कुमार व थानाध्यक्ष मैलानी हेमन्त गौड़, दरोगा आरएस यादव कुकरा चौकी इंचार्ज श्यामलाल द्वारा सुनियोजित साजिश के तहत फर्जी तीन मुकदमों में नामजद कर कर जेल भेजने की कड़े शदों में निन्दा की गई। तय किया गया कि जनपद के पत्रकारों की इस सम्बन्ध में एक ज्ञापन राज्यपाल व मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा। और बरकत अली को रिहा करने व मुकदमा वापस लेने की मांग की जायेगी।
मालूम हो कि इससे पहले वायस आफ लखनऊ के संवाददाता रमजानुल हकअंसारी को रमजानुल हक के विरूद्ध तीन अक्टूबर को वन अधिनियम, आम्र्स एक्ट, व जानलेवा हमले के तीन मुकदमों में नामजद कर दिया। इस बारे में पत्रकारों ने जिलाधिकारी समीर वर्मा व पुलिस अधीक्षक को फर्जी मुकदमें खत्म करने के लिए ज्ञापन दिया था। जिसमें जिलाधिकारी ने मुकदमा खत्म करने के लिए आश्वासन दिया था। मुकदमा न खत्म किया गया। लेकिन कुछ नहीं हुआ।
दूसरी तरफ लखनऊ में भी पत्रकार संगठनो और राजनैतिक दलो ने पत्रकार बरकत अली को जेल भेजे जाने की कड़ी निंदा की है ।