जयपुर. राजस्थान हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के कामकाजों की जांच के लिए गठित किए गए हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश एनएन माथुर की तीन सदस्यीय आयोग के कामकाज पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी है। यह अंतरिम आदेश मुख्य न्यायाधीश जगदीश भल्ला व न्यायाधीश मुनेश्वर अस्थाना की खंडपीठ ने काशी पुरोहित और कृष्ण मुराली लाल की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।
याचिका में कहा गया था कि कांग्रेस ने सत्ता में आते ही एक जनवरी 2008 में वसुंधरा के 2004 से लेकर 2008 तक के कार्यकाल में हुए सभी महत्वपूर्ण निर्णयों को भष्टाचार बताते हुए इनकी जांच के लिए न्यायाधीश माथुर की अध्यक्षता में आयोग का गठन किया गया था।
याचिका में आयोग की संवैधानिकता को यह कहते हुए चुनौती दी की इस तरह के आयोग के लिए विधान सभा में बहस के बाद अनुमति देना चाहिए। जो कि नहीं किया गया। इसलिए यह पूरी तरह गलत है।