भोपाल. काम के लिए अधीनस्थ कर्मचारी को कहना प्रताड़ना की श्रेणी में नहीं आता। यह निर्णय राज्य महिला आयोग की सदस्यों ने दिया। महिलाओं की समस्याओं को निपटाने के लिए राज्य महिला आयोग की संयुक्त बैंच का आयोजन बुधवार को आयोग के कार्यालय में किया गया। बैंच के सामने 20 प्रकरणों की सुनवाई हुई। बैंच में आयोग की सदस्य उपमा राय, सुषमा जैन और अमिता चप्रा ने सुनवाई की।