नई दिल्ली. महंगाई से आम जनता को राहत दिलाने के नाम पर सरकार ने हाथ खड़े कर दिये हैं। कृषि मंत्नी शरद पवार ने बुधवार को कहा कि अगली फसल आने तक वह कुछ नहीं कर सकते हैं।
श्री पवार ने महंगाई के सवाल पर कहा कि रबी मौसम की नई फसल बाजार में आने तक वह इस मामले में कुछ नहीं कर सकते। चीनी के आसमान छूते दाम पर भी श्री पावर ने यही कहा कि नई चीनी का उत्पादन शुरु होने तक इसके दाम घटने की संभावना कम ही लगती है। फिलहाल चीनी का आयात किया जा रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगले तीन महीने तक उन्हें दाम घटने की कोई सूरत नजर नहीं आती।
वित्त मंत्नी प्रणव मुखर्जी ने भी कल इस सम्मेलन का उद्घाटन करते हुये महंगाई का ठीकरा राज्य सरकार के सिर मढ दिया। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार महंगाई से राहत दिलाने के लिये राज्यों को काफी सस्ते दाम पर गेहूं चावल की आपूर्ति कर रही है लेकिन राज्यों की सार्वजनिक वितरण प्रणाली ठीक नहीं होने के कारण यह जरुरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रहा है। श्री मुखर्जी ने महंगाई से आम आदमी को राहत दिलाने के लिये केन्द्र और राज्यों को मिलकर काम करने की जरुरत बताई।
उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों के आंदोलन के बारे में पूछे जाने पर कृषि मंत्नी ने कहा कि राज्य सरकार और चीनी मिलों को समस्या का निदान करना चाहिये। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों को मिलकर समस्या का उचित निदान करना चाहिये अन्यथा चीनी मिलों को गन्ना मिलने में देरी होगी और समस्या और जटिल हो जायेगी।