टीवी के सीरियल ‘भास्कर भारती’ के Êारिए रागिनी खन्ना आज घर-घर की लाड़ली बन चुकी हैं। गोविंदा की भांजी रागिनी का दावा है कि अब न सिर्फ़ उनकी लाइफ़ चेंज हो गई है, बल्कि पहले की अपेक्षा वे मैच्योर और इंटेलिजेंट भी हो चुकी हैं। बहरहाल, इस मुलाकात में हमने रागिनी को समझने की कोशिश की-
गोविंदा जैसे फिल्म स्टार की भांजी होकर भी आपने करियर की शुरुआत सीरियल से की?
हां, क्योंकि मैं ख़ुद को अपने बलबूते साबित करना चाहती थी। वैसे भी एक्टिंग के बारे में पहले मैंने सोचा तक नहीं था। लेकिन जब सीरियल के ऑफर लगातार आने लगे, तो मैं उन्हें Êयादा दिनों तक ठुकरा नहीं सकी।
फिर आपने क्या सोच रखा था?
मैं म्यूÊिाकल फील्ड में करियर बनाना चाहती थी। इसीलिए मैंने पं. जगन्नाथ प्रसाद जी के सुपुत्र प्रकाश प्रसाद जी से क्लासिकल म्यूÊिाक की बाक़ायदा ट्रेनिंग ली है। ख़ैर, एक्ंिटग में मैं Êारूर आ गई हूं, पर मेरा पहला प्यार अब भी म्यूÊिाक है। मैं उसे आख़िरी सांस तक छोड़ नहीं सकती।
फिल्मों में आने का इरादा नहीं है?
मेरे लिए काम मायने रखता है, न कि माध्यम। हां, इतना Êारूर है कि मैं इस समय टीवी पर ख़ुश हूं। ‘भास्कर भारती’ में मुझे न केवल अलग-अलग किरदार जीने को मिल रहे हंै, बल्कि मैं यह भी अच्छी तरह जानने लगी हूं कि एक लड़के और लड़की के बीच भावनाओं और विचारों का कितना फ़र्क़ होता है!
आपके लिए काफ़ी चुनौतीपूर्ण रहा है यह सीरियल?
बिल्कुल! आख़िर बॉडी लैंग्वेÊा के मामले में एक लड़की भले ही लड़के की कॉपी कर ले, मगर उसके लिए लड़के जैसा सोच पाना बेहद मुश्किल होता है। फिर भी मेरे मामा का कहना है कि मैं अच्छा काम कर रही हूं।
इस रोल के लिए आपने क्या विशेष तैयारी की?
हालांकि मुझे खाने-पीने का बहुत शौक़ है, पर खुद को फिट रखने के लिए उसकी लिमिट निर्धारित करना Êारूरी हो गया था। सो खान-पान पर बहुत नियंत्रण रखा।
आपके दो मौसेरे भाई-कृष्णा अभिषेक और विनय आनंद भोजपुरी फिल्मों में सक्रिय हैं! क्या आप भी..?
क्यों नहीं (बीच में बोल पड़ीं रागिनी)! मेरे मामा की भी उन हिंदी फिल्मों को ख़ूब पसंद किया गया है, जिनमें उन्होंने उत्तर भारत की बोली में डायलॉग बोले हैं। मैं तो सिर्फ़ ऐसे ऑफर्स का इंतÊार कर रही हूं, जो मेरे करियर को सही शेप दे सकें।
वैसे तो गोविंदा का अपना भी प्रोडक्शन हाउस है!
हां, मैं जानती हूं। मामा के प्रोडक्शन की फिल्म करने में मुझे ख़ुशी मिलेगी। बस, स्क्रिप्ट दमदार होनी चाहिए।