नई दिल्ली. देवबंद में राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम..’ के खिलाफ जमीयत-ए-उलेमा-ए-हिंद (जेयूएच) द्वारा पारित प्रस्ताव पर राजनीति तेज हो गई है। गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने बुधवार को जहां उनकी मौजूदगी में प्रस्ताव पारित नहीं होने का दावा किया, वहीं भाजपा और विश्व हिंदू परिषद ने चिदंबरम पर हमले तेज करते हुए उनसे देश से माफी मांगने की मांग की है।
जेयूएच के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए समाजवादी पार्टी ने भाजपा से मुद्दे का राजनीतिकरण न करने को कहा है, जबकिअल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीदने राष्ट्रगीत के विरोध को गलत बताया है।
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए चिदंबरम के एक सहयोगी ने कहा, ‘3 नवंबर को देवबंद में जेयूएच के सम्मेलन में गृहमंत्री दोपहर 11 से 12 बजे तक मौजूद थे। इस अवधि में कोई प्रस्ताव पारित नहीं हुआ। जब वह सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे, तब उन्हें ‘वंदे मातरम..’ महिला आरक्षण बिल और टेलीविजन से संबंधित किसी प्रस्ताव की जानकारी नहीं थी।’ उन्होंने बताया, ‘गृहमंत्री पहले से तैयार भाषण पढ़ रहे थे और उन्होंने अलग से कोई बयान नहीं दिया।’
कार्यक्रम में भाग लेने के लिए मंगलवार को चिदंबरम की आलोचना करने वाले नकवी ने बुधवार को कहा, ‘मुझे आश्चर्य है कि जिस देश में आतंकवाद, नक्सलवाद और अलगाववाद अपने चरम पर है, उस देश का गृहमंत्री ऐसे कार्यक्रम में भाग लेता है जहां हमारे राष्ट्रगीत का अपमान किया गया।’