जालंधर/अमृतसर/लुधियाना। दल खालसा इंटरनैशनल और खालसा एक्शन क मेटी के आह्वान पर पंजाब बंद छिटपुट घटनाओं को छोड़कर शांतिपूर्वक रहा। 84 दिल्ली दंगों के दोषियों को सजा न मिलने के खिलाफ सिख संगठनों ने मंगलवार को अमृतसर में रेल और बस सेवा प्रभावित की। करीब 11.10 पर धरना समाप्त होने के बाद अमृतसर से पहली ट्रेन सचखंड एक्सप्रैस 11.35 बजे रवाना हुई।
जालंधर में प्रदर्शनकारियों ने एक ट्रेन को 15 मिनट के लिए रोका। इसके अलावा वे तलवारें लहराते हुए अदालत परिसर में घुस गए। रेलवे को रिफंड के रूप में लाखों रुपए का भुगतान करना पड़ा। अमृतसर में सुबह करीब 10 बजे तलवारें लेकर निकले प्रदर्शनकारियों को एसएसपी पी.के राय ने रोकने का प्रयास किया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गईं।
लेकिन दल खालसा इंटरनैशनल के प्रवक्ता कंवरपाल सिंह बिट्टू के समझाने पर मामला शांत हो गया। उधर, सिख स्टूडेंट्स फैडरेशन मेहता के सदस्यों ने जिला प्रधान अमरबीर सिंह ढोट के नेतृत्व में बस स्टैंड के समक्ष धरना लगाया। घी मंडी के पास एक एएसआई द्वारा दंगों को लेकर आपत्तिजनक शब्द प्रयोग करने पर फैडरेशन कार्यकर्ता पुलिस पार्टी से उलझ गए। डीएसपी मनविंदर सिंह के एएसआई के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद ही मामला शांत हो पाया।
थमी जिंदगी
जालंधर में प्रदर्शनकारी तलवारें लहराते अदालत परिसर में घुसे, 15 मिनट रोकी मालगाड़ी
अमृतसर में एसएसपी से हुई झड़प
लुधियाना में शिवसेना और सिख संगठनों के नुमाइंदे आमने-सामने