गुल्लक को लेकर दरगाह में विवाद
भास्कर न्यूज Thursday, November 05, 2009 00:48 [IST]  

अम्बाला. मिलिटरी फार्म के पास स्थित पीर बाबा दरगाह की गुल्लक सेना द्वारा सील करने की कार्रवाई में बुधवार विवाद उत्पन्न हो गया। गुल्लक से पैसे चोरी होने की शिकायतें मिलने के बाद सेना अधिकारी व जवान ऊपर से गुल्लक को वेल्डिंग करके सील कर रहे थे जब चिंगारी गिरने से गुल्लक से धुंआ उठने लगा तो एकदम कार्य रोक दिया गया।



दूसरी ओर सेना के इस कदम का विरोध जताते हुए पुरानी दरगाह कमेटी ने सेना अधिकारियों पर आरोप लगा दिए की वह गुल्लक सील करने नहीं बल्कि गुल्लक में पड़ी लाखों की राशि चुराना चाहते थे। बीते कुछ दिनों से सेना को सूचनाएं मिल रही थी कि दरगाह पर लगी गुल्लक से कुछ शरारती लोग रात्रि के समय पतली तार के माध्यम से पैसे चुरा रहे हैं।



सुबह सेना के अधिकारी मौके पर पहुंचे जिन्होंने संकरी जगह को सील करने के लिए वेल्डिंग का कार्य शुरू किया। बताते हैं कि इस दौरान एक चिंगारी गुल्लक में गिर गई जिसके बाद धुंआ उठता देख काम रोक दिया गया। चिंगारी किसी नोट पर गिरी थी जिससे धुंआ उठा था।



काम रोका गया तो पुरानी दरगाह कमेटी के सदस्य मौके पर एकत्र हो गए जिन्होंने सेना की इस कार्रवाई का विरोध जताया। उनका आरोप था कि सेना के अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग कर रहे है और वह गुल्लक में पड़ा पैसा चुराना चाहते हैं। पुरानी कमेटी के अध्यक्ष केवल किशन, नंदू यादव ने पुलिस में शिकायत की है।



अब रात्रि भी रहेगी सुरक्षा



रात्रि के समय दरगाह की गुल्लक से पैसे चोरी होने की शिकायत मिलने के बाद सेना ने रात्रि के समय सुरक्षा गार्ड यहां तैनात करने का निर्णय लिया है। बता दें कि दरगाह को जाने वाली सड़क रात्रि के समय विरान हो जाती है और शरारती तत्व यहां सक्रिय हो जाते हैं। अब रात्रि सुरक्षा होने से गुल्लक से पैसे चोरी की वारदातें थमने की उम्मीद है।



बता दें कि कुछ समय पहले सेना ने शिकायतें मिलने के बाद दरगाह का प्रबंधन अपने हाथों में लिया था, मगर दूसरे पक्ष में अदालत में केस दायर कर दिया था। फिलहाल यह मामला अभी अदालत में है। कुछ अनियमितताएं मिलने पर पुरानी दरगाह कमेटी की मान्यता भी रजिस्ट्रार सोसाइटी द्वारा अस्थाई तौर पर रद्द की गई थी।



सेना ने दरगाह प्रबंधन चलाने के लिए अपनी कमेटी गठित तक की थी जिसमें सब एरिया कमांडर पैट्रर्न, प्रो यूनियन के सीओ अध्यक्ष, मिल्रिटी फार्म के ओसी सचिव के अलावा डीईओ, कोर के अधिकारी, एसडीएम व कैंट बोर्ड के सदस्यों को शामिल किया गया था।

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