मेक्सिको. दो किशोरियां एक कैफे में बैठकर ठंडी कॉफी का लुत्फ उठाते हुए बतिया रही हैं। दोनों दोस्त हैं, तो इसमें भला नया क्या है? नया यह कि दोनों ही एक-दूसरे को स्पेनिश भाषा में बैल, बेवकूफ या गधे के संबोधन से नवाज रही हैं। लैटिन अमेरिका में मेक्सिको के लोगों को उनकी अति विनम्रता और औपचारिकता के लिए जाना जाता है। इसके बावजूद उनके मुंह से गालियां बेरोकटोक निकलती हैं।
वे अपने दोस्तों, सहकर्मियों, पति या पत्नी, अपने बॉस और यहां तक कि अपने माता-पिता के साथ बात करने में भी अश्लील शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। मेक्सिको के स्वाधीनता दिवस पर सबसे ऊंचे सुर में चिल्लाया जाता है- विवा मेक्सिको, कै ब्रांस! इसका मतलब या तो हरामजादे या फिर दोस्तों से लगाया जाता है। मतलब पूरी तरह से टोन पर निर्भर करता है।
मेक्सिको की एक पोलिंग फर्म कंसल्टा मितोफ्स्की ने 18 वर्ष की उम्र से अधिक के लगभग 1,000 लोगों का सर्वेक्षण कर उनसे ‘ग्रौसेरियास’ के इस्तेमाल के बारे में सवाल पूछा। स्पेनिश में ग्रौसेरियास का मतलब गालियों या अश्लील शब्दों से है।
प्रतिभागियों ने बताया कि वे रोजाना 20 से अधिक गालियां देते हैं। गाली देने वाले अधिकतर युवा हैं। 30 वर्ष से कम के युवा न केवल दोस्तों के साथ, बल्कि बॉस और अभिभावकों के सामने भी अश्लील शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। शोध का नतीजा है कि औरतों के मुकाबले मर्द अधिक गालियां देते हैं। यहां तक कि सामाजिक-आर्थिक तौर पर बेहतर लोग भी गालियां देते हैं।
सर्वे के मुताबिक गालियां देना खानदानी आदत भी हो सकती है। अधिकतर लोगों का मानना था कि उनके माता-पिता भी अश्लील बातें बोलते हैं। मेक्सिको के नेशनल यूनिवर्सिटी के राउल देलारब्रे ने कहा कि गालियां भी सृजनात्मक तरीके से दी जा सकती हैं।
इनके जरिए उन भावनाओं को भी व्यक्त किया जा सकता है, जिनको बताने में अमूमन कठिनाई होती है। गाली कुंठा और खीझ को व्यक्त करने का जरिया हो सकता है। अगर आंकड़ों का यकीन करें, तो मेक्सिको के लोग रोजाना 1.35 बिलियन गालियों या सालाना 500 बिलियन गालियों का इस्तेमाल करते हैं।