वाशिंगटन. अविश्वास और टकराव के लंबे दौर के बाद अमेरिका अब तेल से मालामाल ईरान के साथ दोस्ती चाहता है।
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने बुधवार को कहा ‘‘मैंने यह साफ कर दिया है कि अमेरिका लगातार शक, अविश्वास और टकराव के इस अतीत से आगे जाना चाहता है और परस्पर हितों और परस्पर सम्मान के आधार पर इस्लामी गणराज्य ईरान के साथ रिश्ता बनाना चाहता है।’’ ओबामा ने तेहरान में अमेरिकी दूतावास पर क ब्जे की 30वीं बरसी के अवसर पर जारी बयान में कहा, ‘‘हम ईरान के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देते।’’
ओबामा का यह बयान ईरान की मुख्य भाष फारसी में भी जारी किया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘चार नवंबर 1979 को शुरू हुए दूतावास प्रकरण के 444 दिन ने बहादुर अमेरिकियों के जीवन को बहुत प्रभावित किया, जिन्हें अनुचित रूप से बंधक बनाया गया था। हम इस असाधरण सेवा एवं कुर्बानी के लिए इन अमेरिकियों और उनके परिवार के आभारी हैं। इसी घटना ने अमेरिका और ईरान को शक, अविश्वास और टकराव की राह पर धकेला।’’