हनोई (वियतनाम). चार बार की विश्व चैंपियन बॉक्सर एमसी मैरीकॉम ने तीसरे महिला एशियन इंडोर गेम्स में अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए बुधवार को 46 किग्रा. भारवर्ग का स्वर्ण पदक जीत लिया।
कविता गोयल (64 किग्रा.) ने भारत को दूसरा स्वर्ण दिलाया, जबकि सरिता देवी (54 किग्रा.) और एन उषा (57 किग्रा.) को रजत से संतोष करना पड़ा। खेल रत्न मैरीकॉम ने यहां हुए कांटे के मुकाबले में स्थानीय खिलाड़ी हुआ नागुई थि को 8-6 से हराकर स्वर्ण पदक जीता।
मुकाबले के पहले राउंड में मैरीकॉम ने एक अंक जीता, जबकि नागुई खाता नहीं खोल सकीं। दूसरे राउंड में दोनों खिलाड़ियों को दो-दो अंक मिले। तीसरे राउंड में बराबर की टक्कर हुई और दोनों ने तीन-तीन अंक अर्जित किए। अंतिम राउंड में मैरीकॉम का पलड़ा थोड़ा भारी दिखा।
उन्होंने इस बार दो अंक जुटाए और प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी को सिर्फ एक अंक लेने दिया। भारत को दूसरा स्वर्ण कविता ने दिलाया। उन्होंने फाइनल में कजाकिस्तान की खासेनोवा साइदा को 8-4 से शिकस्त दी। पहले तीन राउंड में साइदा ने कविता को कड़ी टक्कर दी, लेकिन अंतिम राउंड में उनकी हिम्मत जवाब दे गई।
तीन राउंड के बाद 5-4 से आगे रहने वाली कविता ने आखिरी राउंड में प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी को एक भी अंक हासिल नहीं करने दिया। उधर, खिताब की प्रबल दावेदार एल सरिता देवी आखिरी क्षणों की कमजोरी की वजह से स्वर्ण पदक चूक र्गई। उन्हें फाइनल में चीन की क्विन झांग ने 9-7 से मात दी। सरिता इस मुकाबले में तीन राउंड के बाद 5-4 से आगे थीं। भारतीय बॉक्सर अंतिम राउंड में 5 अंक लुटा बैठीं, जबकि उन्हें सिर्फ दो अंक ही मिले। उधर, थाईलैंड की लाओपीम पीमविलाई ने लो-स्कोरिंग फाइनल में उषा को 3-2 से मात दी।
भारतीय खिलाड़ी ने मुकाबले की अच्छी शुरुआत करते हुए पहले राउंड में एक अंक हासिल किया। लेकिन अगले दो राउंड में एक भी अंक अर्जित करने में नाकाम रहीं, जबकि इसी दौरान उनकी प्रतिद्वंद्वी ने तीन अंक जुटाए। चौथे व अंतिम राउंड से पहले 1-3 से पिछड़ रहीं उषा ने इस बार एक अंक और जुटाया, लेकिन जीत के लिए यह नाकाफी साबित हुआ।वुशू में भारत को एक कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। यह पदक 56 किग्रा. भारवर्ग में डब्लू संध्यारानी ने दिलाया। उन्हें सेमीफाइनल में ईरान की मरियम तवाकोली से हार झेलनी पड़ी।