प्रदर्शन में सुधार करें युवा खिलाड़ी
भारत व आस्ट्रेलिया दोनों ही टीमों के कई प्रमुख खिलाड़ी फिट नहीं हैं। इसके बावजूद दोनों ही टीमों ने श्रंखला में अभी तक कड़ा संघर्ष किया है। पीटर सिडल के अनफिट होने से ऑस्ट्रेलिया को खासा धक्का पहुंचा है। परंतु विपरीत परिस्थितियों में भी पूरे आत्मविश्वास के साथ खेलने के लिए मेहमान टीम को श्रेय मिलना चाहिए।
ऑस्ट्रेलिया व भारत दोनों के ही लिए यह एक नए सीजन की शुरुआत है। भारत का घरेलू सीजन रणजी ट्रॉफी के साथ प्रांरभ हो चुका है, व ऑस्ट्रेलिया का सीजन टीम के वापस लौटने के तुरंत बाद प्रारंभ हो जाएगा। ऑस्ट्रेलिया के कई प्रमुख खिलाड़ियों के अनफिट होने के कारण घरेलू सीजन का महत्व अधिक बढ़ जाएगा क्योंकि उन्हें नई प्रतिभाओं की पहचान करनी होगी। पारंपरिक सीजन का महत्व कम हो गया है। क्येंकि क्रिकेट अब एक या दूसरे फॉर्म में पूरे साल खेला जाने लगा है।
उम्मीद है कि हैदराबाद मुकाबले के लिए गौतम गंभीर फिट हो जाएगा। मोहाली में भारतीय बल्लेबाजों का प्रदर्शन निराशाजक रहा है। मैं समझता हूँ कि युवा खिलाड़ियों को अपने प्रदर्शन में सुधार करना चाहिए। इसके बावजूद मैं नहीं मानता कि भारतीय बल्लेबाजी कमजोर है। रवींद्र जड़ेजा अच्छी गेंदबाजी कर रहा है, लेकिन बल्लेबाज के रूप में सफल नहीं हो पाया है।
टीम प्रबंधन को विचार करना चाहिए कि क्या एक गेंदबाज के रूप में अमित मिश्रा बेहतर विकल्प हो सकता है। वह एक आक्रामक लेग स्पिनर है, तथा खासा खतरनाक साबित हो सकता है। हैदराबाद की पिच बल्लेबाजी के लिए सहायक साबित होने की उम्मीद है।










