Parde Ke Peechhe
गोविंदा ने मणिरत्नम को विस्मित किया!
जयप्रकाश चौकसे Thursday, November 05, 2009 01:12 [IST]  

मणिरत्नम की फिल्म ‘रावण’ में हनुमान की भूमिका कर रहे गोविंदा ने प्रतिदिन समय पर और पूरी तैयारी से आकर मणिरत्नम को अचंभित कर दिया। गोविंदा की लेटलतीफी के किस्से मणिरत्नम ने सुन रखे थे और अनेक शंकाओं और सहयोगियों के विरोध के बावजूद उन्होंने गोविंदा को अनुबंधित किया। गोविंदा ने शूटिंग के पहले मणिरत्नम से अपनी भूमिका अच्छी तरह समझ ली थी और पूरी तैयारी के साथ सेट पर अपने अभिनय से सबको प्रभावित किया।

इस फिल्म में केंद्रीय पात्र रावण की भूमिका अभिषेक बच्चन कर रहे हैं और सीता बनी हैं ऐश्वर्या राय तथा दक्षिण के अभिनेता विक्रम राम की भूमिका में हैं। दरअसल ‘रामायण’ से प्रेरित यह फिल्म वर्तमान में रची गई है और वेशभूषा इत्यादि सब कुछ आधुनिक है। जैसे प्रकाश झा की ‘राजनीति’ महाभारत से प्रेरित है, वैसे ही मणिरत्नम की ‘रावण’ रामायण से प्रेरित है।

रामायण और महाभारत को उनके घटित होने के कालखंड में बनाना बहुत महंगा है, अत: उन्हें वर्तमान में रचा जाता है। छोटे परदे पर एकता कपूर द्वारा महाभारत के नाम पर रची गई फूहड़ता के विशाल घाटे ने छोटे परदे पर भी इनकी रचना में बाधा खड़ी कर दी है। सच्चाई तो यह है कि अधिकांश भारतीय फिल्में इन्हीं दो ग्रंथों से प्रेरित रही हैं।

सुना है कि मणिरत्नम का रावण चंदन तस्कर है और राम फॉरेस्ट ऑफिसर। रावण अपने जमाने का महान ज्योतिषचार्य और अनेक विधाआंे में पारंगत था। उसकी असाधारण प्रतिभा के कारण ही दस सिरों की परिकल्पना की गई है।

सोने की लंका उसकी कीमिया से बनी थी, तस्करी से नहीं। इसी तरह मंदोदरी को भी विदुषी माना गया है और यह पात्र बिपाशा बसु करने जा रही थीं, परंतु फिल्म की संरचना पर विचार करके इस पात्र को हटा दिया गया है। दरअसल सीता, मंदोदरी और रावण के दृश्य काफी मजेदार हो सकते थे। मणिरत्नम शायद फिल्म की लंबाई से परेशान हो गए।

इस तरह की फिल्म से रामायण के मिथक और गहरे अर्थ को हटा दें तो यह साधारण हाथी दांत चोर और पुलिस वाले की कहानी रह जाती है। ऐसे में यह रामगोपाल वर्मा की फिल्म हो जाती है। मणिरत्नम की फिल्मों में अर्थ की परतें रहती हैं। आज के दौर में सीता का अपहरण सत्य का अपहरण है और राम सत्यमेव जयते के लिए लड़ रहे हैं।

रावणों से भरे दौर में मणिरत्नम किसे राम समझ रहे हैं? भ्रष्ट नेताओं के इर्द-गिर्द इकट्ठे चाटुकारों में हनुमान को कहां खोजें? दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में रावण के गुण भी गाए जाते हैं। दशानन के ज्ञान और विद्वत्ता के कई प्रमाण रावण पुराण में मिलते हैं। कुछ लोग यह भी मानते हैं कि रावण ने सीता का अपहरण केवल राम द्वारा अपने वध और चिरंतन मुक्ति के लिए किया था। बहरहाल मणिरत्नम अपने ढंग से रावण के चरित्र को प्रस्तुत करेंगे और यह देखना रोचक होगा कि अभिषेक बच्चन इस चुनौती का सामना कैसे करते हैं?

  Bookmark and Share
 


अपने विचार यहां लिखें:
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: