चंडीगढ़. अब तक आपने कश्मीर के गर्म कपड़े खरीदे होंगे, लेकिन कुल्लू फेस्ट-09 में वहां के लेदर के सामान की शॉपिंग भी की जा सकती है। यहां सर्दी से बचाने के लिए बहुत कुछ है, वह भी प्योर वूल और हाथ से बना हुआ। सेक्टर-15 के लाजपत राय भवन में चल रहे इस फेस्ट में कुल्लू, किन्नौर की चीजों के अलावा जयपुरी और कश्मीरी चीजों की वैरायटी मिल रही है।
शॉल ही शॉल
एग्जीबिशन में आपको हाथ से बने हुए कई तरह के शॉल मिलेंगे। यहां कुल्लू, किन्नौरी, याक वे अंगोरा वूल और पश्मीना शॉल की वैरायटी है। इस शॉलों पर खास है चम्बा कढ़ाई का काम। चम्बे की यह पारंपरिक कढ़ाई पहली बार किन्नौरी शालों पर की गई है। एग्जीबिशन में हिस्सा ले रहे सुमित ने बताया कि गर्माहट में हाथ की बनी इन चीजों का कोई मुकाबला नहीं। एक शॉल को बनाने में करीब 15 दिन लगते हैं। यहां 300 से 15,क्क्क्रुपये तक के शॉल हैं।
खास है कश्मीरी लेदर
एग्जीबिशन में कश्मीरी लेदर का सामान खास है। लेदर की जैकेट्स, लॉन्ग कोट, पर्स, बैग, फुटवियर आदि की वैरायटी है। यह चीजें अलग-अलग रंगों और कश्मीरी कढ़ाई के लेटेस्ट डिजाइन में मौजूद हैं। यहां सिल्वर मेटल में जयपुरी आइटम्स की शॉपिंग भी की जा सकती है। सर्दियों के लिए यहां कई सामान हैं- जुराबें, मफलर, टोपियां आदि। यह एग्जीबिशन 15 नवंबर तक चलेगी और सुबह 11 से रात 8 बजे तक खुली रहेगी।