इस्लामाबाद. पाकिस्तान की सेना के बाद अब एक संसदीय समिति ने देश के कबीलाई इलाकों में अशांति फैलाने में भारत की कथित भूमिका के मुद्दे को उठाया है। समिति का कहना है कि गृहमंत्री रहमान मलिक ने उसे इस संबंध में सबूत मुहैया कराए हैं।
भारत के कट्टर विरोधी के रूप में पहचाने जाने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के अध्यक्ष रजा रब्बानी ने दावा किया है कि मलिक ने समिति को ऐसे पुख्ता सबूत मुहैया कराए हैं, जिसमें दक्षिणी वजीरिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत में हिंसा फैला रहे तत्वों को भारत के समर्थन का खुलासा हुआ है। मंगलवार को समिति की बैठक के बाद रब्बानी ने बताया, ‘सबूतों में भारत सहित अन्य देशों और लोगों के खिलाफ विस्तृत जानकारी है।’
भारत के खिलाफ कई संसदीय प्रस्तावों को तैयार करने वाले रब्बानी ने कहा, ‘इन सबूतों को राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय मंचों पर रखा जाना चाहिए। इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए हम अगली बैठक में विदेश मंत्री को भी आमंत्रित करेंगे।’
पाक में आतंकियों को धन मुहैया कराना अब होगा अपराध
इस्लामाबाद. पाकिस्तान सरकार ने आतंकी संगठनों पर लगाम कसने के लिए उनको पहुंच रहे धन को रोकने की योजना बनाई है। इसके लिए एक विधेयक को मंजूरी दी गई है। इसके तहत आतंकी गतिविधियों को धन मुहैया कराना कानूनन अपराध होगा व इसमें लिप्त पाए जाने तत्वों को सख्त सजा दी जाएगी।
डेली टाइम्स द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक पाक राष्ट्रीय एसेंब्ली की स्टैंडिंग कमेटी ने यह विधेयक मंजूर किया है। वित्त मंत्रालय व स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान लंबे समय से इस कानून की मांग कर रहे थे। कमेटी ने प्रावधान किया है कि जो कंपनी या उसके कर्मचारी आतंकियों को धन मुहैया कराएंगे, सरकार उनसे ५क् लाख रुपए बतौर पेनाल्टी भी वसूलेगी।