Jodhpur
घूस लेते पकड़ीं रानी प्रधान
भास्कर न्यूज Thursday, November 05, 2009 04:58 [IST]  

जोधपुर/पाली. जयपुर से आई भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की विशेष अनुसंधान इकाई की एक टोली ने बुधवार को रानी पंचायत समिति की प्रधान और पाली जिला महिला कांग्रेस की अध्यक्ष मंजूलता परिहार को सात हजार रुपए की घूस लेते गिरफ्तार किया। मंजूलता के पति पाली में महिला एवं बाल विकास में परियोजना अधिकारी है। एसीबी ने हाउसिंग बोर्ड ऑफिसर्स कॉलोनी स्थित प्रधान पति के सरकारी निवास पर कार्रवाई कर रिश्वत राशि बरामद की।



पुलिस महानिरीक्षक (एसीबी) सुधाकर जौहरी ने बताया कि ग्राम पंचायत, रानी की ग्राम सेवक एवं पदेन सचिव ललिता मीणा का तबादला गत दिनों यहां से बस्सी हो गया था। यहां से कार्यमुक्त करने की एवज में प्रधान ने ललिता से घूस में दस हजार रुपए एवं मोबाइल मांगा, लेकिन बाद में सौदा सात हजार रुपए में पटा। इस बीच, महिला ने इसकी शिकायत जयपुर में एसीबी अधिकारियों को कर दी।



आईजी के अनुसार शिकायत पर एसीबी चौकी (विशेष अनुसंधान इकाई) के प्रभारी व एएसपी गोविंद देथा एवं निरीक्षक बलारामसिंह की अगुवाई में टोली पाली भेजी गई। परिवादी ललिता बुधवार को हाउसिंग बोर्ड ऑफिसर्स कॉलोनी स्थिति मंजू परिहार के पति के सरकारी आवास पर गई और प्रधान को सात हजार रुपए दे दिए। थोड़ी देर बाद ही वहां पहुंची एसीबी की टोली ने रिश्वत राशि बरामद कर महिला प्रधान को गिरफ्तार कर लिया। हाथों के धोवन में गुलाबी रंग आ गया।



न्यायिक अभिरक्षा में भेजा : एसीबी की टोली ने रिश्वत लेने की आरोपी महिला प्रधान मंजूलता को बुधवार को जोधपुर में विशिष्ट न्यायाधीश के आवास पर पेश किया, जहां से परिहार को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।



पंचायत समिति में खंगाले दस्तावेज : जयपुर के एसीबी दल ने रानी पंचायत समिति में पहुंच कर रिकार्ड खंगाला। दल परिवादी ललिता मीणा को लेकर पहुंचा और उनके स्थानांतरण आदेश की प्रतिलिपि ली। करीब एक घंटे तक पंचायत समिति में अधिकारियों से भी पूछताछ की। यहां पर प्रसार अधिकारी जेठमल आर्य ने ललिता मीणा को रिलिव करने के लिए कहा तो उन्होंने उच्चधिकारयों का हवाला देते हएु अपने अधिकार से बाहर बताया।



इसके बाद सीआई ने जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरिसिंह राठौड़ से फोन पर बात की। राठौड़ ने आचार संहिता का हवाला देते हुए रिलिव करने से इंकार कर दिया। सीआई ने बीडीओ के नाम पर पत्र भी सौंपा है, जिसमें स्थानांतरण संबंधी जवाब एसीबी को जयपुर में भेजने के लिए निर्देश दिया है।

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