महिला सफाईकर्मी की मौत पर हंगामा
जोधपुर. शास्त्रीनगर थाने के समीप बुधवार सुबह सफाई कर रही नगर निगम की एक महिला सफाईकर्मी को टैक्सी ने टक्कर मार दी। उसे गंभीर हालत में एमडीएम अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
उसकी मौत का समाचार सुन शहर के सफाईकर्मी व सफाई मजदूर संगठन से जुड़े लोग एमडीएम पहुंचने लगे। कुछ ही देर में अस्पताल में बड़ी संख्या में सफाईकर्मी एकत्रित हो गए और हंगामा मचाकर प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इस बात को लेकर था कि सफाईकर्मी की मृत्यु की सूचना के बावजूद निगम अफसर सुध लेने नहीं पहुंचे। हंगामे की सूचना पर पुलिस जाब्ता अस्पताल पहुंचा।
सफाई मजदूर कांग्रेस के प्रतिनिधियों व अन्य कर्मचारी संगठनों ने बाद में सीईओ का घेराव कर महिला के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की। लंबी वार्ता के बाद निगम प्रशासन व सफाई मजदूर नेताओं में मुआवजा राशि की लेकर सहमति बन गई। सीईओ रोहित गुप्ता ने सरकार की ओर से जारी दिशा—निर्देशों का अवलोकन करने के बाद मृत कर्मचारी के आश्रितों को 10 लाख रुपए की मुआवजा राशि देने की घोषणा की तो गुस्साए सफाईकर्मी शांत हो गए।
महावीर कॉलोनी हड्डी मील निवासी सफाई कर्मचारी जसोदा (35) निगम के वार्ड संख्या 7 में तैनात थी। बुधवार सुबह 7:15 बजे शास्त्री नगर थाने के समीप पाल लिंक रोड मार्ग पर सफाई कर रही थी। घड़ी चौराहे की ओर से आ रही एक टैक्सी चालक मोड पर संतुलन खो बैठा और टैक्सी डिवाइडर पर चढ़कर पलट गई। इससे वहां सफाई कर रही जसोदा टैक्सी के नीचे दब गई। गंभीर रूप से घायल महिला को 108 एंबुलेंस से एमडीएम अस्पताल पहुंचाया। वहां कुछ देर बाद उसने दम तोड़ दिया। महिला की मौत की सूचना पर वाल्मिकी समाज के लोग वहां पहुंचे।
मोर्चरी में शव का पोस्टमार्टम निगम अफसरों की उपस्थिति में करने की जिद पर अड़ गए और प्रदर्शन कर हंगामा मचाना शुरू कर दिया। सूरसागर आयुक्त ताराचंद गोसाई व सरदारपुरा आयुक्त जुगल किशोर मीणा दोपहर 12:30 बजे के बाद वहां पहुंचे। कुछ देर बाद निगम सीईओ रोहित गुप्ता भी एमडीएम पहुंचे, तो भीड़ ने उन्हें घेर लिया और नारे लगाए। भीड़ ने महिला सफाईकर्मी के परिजनों को 10 लाख रुपए का मुआवजा देने की मांग करते हुए शव उठाने से इनकार कर दिया।
अस्पताल परिसर में तत्काल सहायता के रूप में मुख्यमंत्री सहायता कोष से जारी 25 हजार तथा निगम की ओर से 50 हजार रुपए का चेक लेने से इनकार कर दिया। लंबी जद्दोजहद के बाद हरिजन समाज के लोग निगम कार्यालय में बातचीत के लिए तैयार हुए। वहां विचार—विमर्श के बाद महिला के परिजनों को 3 लाख रुपए देने की घोषणा की गई। वार्ता में निगम सीईओ, आयुक्त के अलावा पुलिस उप अधीक्षक जसवंतसिंह बालोत, शास्त्री नगर थानाधिकारी सरवरअली तथा वाल्मिकी समाज के ताराचंद चांवरिया, अनिल तेजी, राजन बारासा, बच्चन पंडित, बाबूलाल जावा, विनोद, नरनारायण, जसराज, रविन्द्र, प्रेम बारासा, हरिदास, रामकुमार जावा, राधेश्याम हंस, बिरदीचंद, हरिभजन, रामदास सहित अन्य लोग सम्मिलित थे। जसोदा के भाई पिंटू की रिपोर्ट पर पुलिस ने टैक्सी चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तलाश में जुट गई है।











