भोपाल. वन विहार नेशनल पार्क के डिस्प्ले बाड़े में अब बाघ और अन्य बड़े जानवर नहीं दिखाई देंगे। केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने इन जानवरों को सड़क से दूर खुले बाड़े में रखने के निर्देश दिए हैं। उधर, खुला बाड़ा तैयार होते ही पार्क प्रबंधन ने सफेद बाघिन ललिता को उसमें शिफ्ट कर दिया है। ऐसा करने का उद्देश्य जानवरों को तनाव से बचाना है।
पर्यटक अब कछुआ बाड़े के नजदीक पेड़ की छांव में खड़े होकर सफेद बाघ का दीदार नहीं कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें वाहन खड़ा कर खुले बाड़े तक पैदल जाना होगा। दरअसल, पार्क प्रबंधन ने डिस्प्ले बाड़े बंद कर दिए हैं। फिलहाल ये बाड़े खाली हैं, भविष्य में इनका उपयोग ‘हाउसिंग म्यूजियम या छोटे जानवरों की हाउंसिग’ के रूप में किया जा सकता है।
केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की टीम प्रत्येक तीन साल में पार्क का निरीक्षण करती है। वर्ष 2007 में राजधानी आई टीम ने पार्क में सड़क किनारे स्थित डिस्प्ले बाड़ों को जानवरों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया था। टीम का तर्क था कि नितांत जंगल में रहने वाले जानवरों के सामने हमेशा पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है। पर्यटक बाड़े के नजदीक पहुंच जाते हैं, बाड़े के सामने से वाहनों का आना-जाना लगा रहता है।
इससे जानवरों को तनाव होता है, जो आगे चलकर बीमारी की वजह बन सकता है। टीम ने डिस्प्ले बाड़े में रखे गए बाघों को खुले बाड़े में छोड़ने के निर्देश दिए थे। हालांकि पार्क प्रबंधन ने उस समय खुले बाड़े की व्यवस्था करने में कुछ वक्त लगने की बात कही थी, जिस पर टीम ने उन्हें कुछ मोहलत दी थी। नई हाउसिंग दो माह पहले तैयार हो गई है। इसके बाद सफेद बाघिन ललिता को डिस्प्ले से खुले बाड़े में शिफ्ट कर दिया गया है।