Sonipat
पार्किग सार्वजनिक वसूली अवैध
भास्कर न्यूज Thursday, November 05, 2009 05:54 [IST]  

सोनीपत. जिले भर में सार्वजनिक स्थानों पर पार्किग को भी अधिकारी बेच रहे हैं। अधिकारियों के फैसले से दो कदम आगे पार्किग ठेकेदार भी हैं, जो निर्धारित किए गए शुल्क से भी अधिक लोगों से वसूल लेते हैं। पार्किग के स्थान के बिना सरकार और नगर योजनाकार विभाग बिल्डिंग बनाने कीअनुमति नहीं देते हैं।



सरकार द्वारा पार्किग के लिए आम व्यक्ति के लिए निशुल्क जगह छोड़ी जाती है, जिसे बाद में अधिकारी या तो स्वार्थ वश बेच देते हैं या फिर उन्हें इस बात का ज्ञान ही नहीं है, पार्किग निशुल्क मुहैया कराई गई है। सोनीपत के लघु सचिवालय, कोर्ट, कचेहरी और सिविल अस्पताल में ऐसा ही होता है।



हर जगह पार्किग की जगह बेच दी गई है। वहां पर वाहन खड़ा करने के लिए कीमत अदा करनी पड़ती है। पांच रुपए प्रति वाहन प्रति बाहर घंटे के लिए लिए जाते हैं। कई बार तो पार्किग ठेकेदारी गाड़ी और आदमी देखकर भी रुपए ऐंठ लेते हैं।



पांच रुपए इलाज के और पांच ही पार्किग के : सिविल अस्पताल में जाने वाले व्यक्ति के लिए सबसे बड़ी समस्या है। पांच रुपए में जहां व्यक्ति का इलाज होता है, वहीं पांच रुपए पार्किग के भी देने पड़ते हैं। मरीज चाहे कितना ही बीमार क्यों न हो, लेकिन पार्किग के रुपए दिए बिना मरीज और उसके रिश्तेदारों को आगे नहीं जाने दिया जाता है।



आमतौर पर हर जगह पार्किग के लिए ठेका दिया जाता है। वे शुरू से ही ऐसा देखते हुए आए हैं। यहां भी ऐसा ही हो रहा है। फिर भी इस मामले का अध्ययन करेंगे कि कहीं कुछ गलत तो नहीं है। - बलराज सिंह मोर, एडीसी सोनीपत

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