भोपाल. नगरीय चुनाव के लिए महापौर, नपा व नगर पंचायत अध्यक्ष पद का आरक्षण 9 नवंबर को लॉटरी के माध्यम से होगा लेकिन चक्रानुक्रम व्यवस्था के कारण कुछ शहरों की तस्वीर अभी से साफ है। 14 नगर निगमों में से कुछ के महापौर पद के लिए आरक्षण लॉटरी के बिना ही हो जाएगा। सागर का महापौर पद अजा महिला तथा जबलपुर व ग्वालियर में प्रथम नागरिक की कुर्सी अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित होने की संभावना है।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अधिकारी चक्रानुक्रम के हिसाब से आरक्षण के लिए लॉट में शामिल होने वाले निकायों को लेकर मशक्कत कर रहे हैं। महापौर, अध्यक्ष के लिए वर्ष 1994, 1999 व 2004 की आरक्षण की स्थिति के आधार पर लॉटरी में शामिल होने वाले निकायों के नाम तय किए जाएंगे।
प्रदेश की 14 नगर निगमों में वर्तमान में दो अजा, चार ओबीसी तथा आठ जगह महापौर अनारक्षित वर्ग से हैं। इनमें भी अजा व ओबीसी में एक-एक तथा अनारक्षित वर्ग में तीन महिलाएं हैं। इस बार महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था के कारण हर वर्ग में 50 फीसदी पद महिलाओं के लिए रहेंगे। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त एसएन मिश्रा के अनुसार महापौर व अध्यक्ष पद के आरक्षण की तैयारियां पूरी हो गई हैं।
ऐसे खुलेगी लॉटरी
अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के लिए आरक्षण जनसंख्या के आधार पर होता है, इसलिए इनके नाम 2001 की जनगणना के आधार पर पहले से ही तय हैं। इस वर्ग में महिलाओं के प्रतिनिधित्व के लिए चक्रानुक्रम तथा लॉटरी पद्धति का उपयोग किया जाएगा। इसके बाद ओबीसी के लिए 25 फीसदी सीटें निकाली जाएंगी। सभी वर्र्गो में महिलाओं के 50 फीसदी आरक्षण चक्रानुक्रम और लॉटरी पद्धति से होगा। वर्तमान में अनारक्षित महिला का पद आरक्षण में ओबीसी महिला का हो सकता है, इसी तरह ओबीसी महिला वाली सीट अनारक्षित महिला के लिए हो सकती है।
कुछ ऐसी हो सकती है तस्वीर
जनसंख्या के आधार पर उज्जैन व सागर महापौर का पद अजा के लिए आरक्षित है। वर्तमान में उज्जैन महापौर का पद अजा महिला के लिए है, लिहाजा चक्रानुक्रम के हिसाब से सागर के महापौर का पद अजा महिला के लिए बिना लॉटरी के लिए ही आरक्षित कर दिया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार रतलाम, खंडवा, सिंगरौली, कटनी को ओबीसी के लिए आरक्षण वाले लॉट में शामिल नहीं किया जाएगा, क्योंकि वर्तमान में इन शहरों के महापौर के पद इसी वर्ग से हैं। बाकी आठ नगर निगम भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, देवास, बुरहानपुर, सतना व रीवा में से ओबीसी के लिए चार पदों का आरक्षण होना है।
चूंकि जबलपुर व ग्वालियर में पिछले तीन चुनाव में महापौर का पद ओबीसी के लिए आरक्षित नहीं हुआ है, इसलिए इन्हें चक्रानुक्रम के हिसाब से बिना लॉटरी के ही ओबीसी के लिए आरक्षित किया जा सकता है। बाकी बचे छह में ओबीसी के लिए दो पद निकाले जाएंगे। इसमें भी 1994 की स्थिति का ध्यान रखा जाएगा। ओबीसी के चार पद तय होने के बाद इनमें से दो पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाएंगे। भोपाल महापौर के पद को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है।
नगर निगम महापौर : वर्तमान में किस वर्ग का आरक्षण
शहर वर्ग
भोपाल अनारक्षित
इंदौर अनारक्षित महिला
जबलपुर अनारक्षित महिला
ग्वालियर अनारक्षित
उज्जैन अजा महिला
सागर अजा
देवास अनारक्षित
रतलाम ओबीसी महिला
खंडवा ओबीसी
बुरहानपुर अनारक्षित
सतना अनारक्षित महिला
रीवा अनारक्षित
सिंगरौली ओबीसी
कटनी ओबीसी
क्या है रोटेशन सिस्टम
आरक्षण में चक्रानुक्रम यानी रोटेशन सिस्टम का ध्यान रखा जाता है। एक ही वर्ग के कोटे की स्थिति न बने, इसलिए यह व्यवस्था लागू की गई है, हालांकि अजजा व अजा वर्ग के पद जनसंख्या के आधार पर तय होते हैं। इसमें भी महिलाओं के लिए सीट सुरक्षित रखने में रोटेशन का ध्यान रखा जाता है।