लुधियाना. नगर निगम की हाउस टैक्स विभाग की टीम ने बुधवार को अंसल प्लाजा में दबिश दी। यह टीम मॉल में स्थित टैक्स डिफाल्टर शोरूमों से बकाया राशि लेने पहुंची थी। टैक्स अदा न करने पर टीम ने कुछ नामी शोरूमों और आउटलेट में खरीदारी भी बंद करवा दी। बाद में प्लाजा प्रबंधकों व शोरूम मालिकों की ओर से बनता टैक्स जमा करवाने की अंडरटेकिंग देने के बाद निगम की टीम लौट गई।
इस बीच कुछ शोरूम प्रबंधकों ने निगम को 12 लाख रुपए और टैक्स जमा करवा दिया है। हाउस टैक्स सुपरिंटेंडेंट नीरज और तेजिंदर सिंह पंछी की अगुवाई में टैक्स वसूली के लिए निगम की टीम अंसल प्लाजा पहुंची। टीम ने वहां पहुंचते ही कुछ शोरूम और आउटलेट में खरीदारी बंद करवा दी। निगम के रुख को भांपते हुए प्लाजा प्रबंधकों और शोरूम मालिकों ने निगम टीम को कार्रवाई न करने के लिए कहा।
दोनों पक्षों में काफी देर तक मीटिंग भी चली। शोरूम मालिकों का तर्क था कि उन्हें निगम को टैक्स देने में कोई एतराज नहीं है, लेकिन उन्हें प्रबंधकों की ओर से टैक्स की जो राशि बताई गई वह निगम रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रही। इससे उन्हें वित्तीय बोझ झेलना पड़ेगा। दोनों पक्षों में काफी देर तक बातचीत चली। सुपरिंटेंडेंट नीरज जैन ने बताया कि मीटिंग में अंसल के पंजाब के डीजीएम राजीव कुमार भी शामिल थे।
उन्होंने कहा कि टैक्स अदायगी को लेकर सहमति बना ली जाएगी। उससे पहले प्लाजा सूमह के प्रबंधक शुक्रवार को निगम कमिश्मर के साथ मीटिंग कर अपना पक्ष रखेंगे। सुपरिंटेंडेंट के मुताबिक उन्होंने आला अधिकारियों को मामले की जानकारी दे दी है। अब आगे की कार्रवाई आला अधिकारियों से निर्देश मिलने के बाद की जाएगी।
बता दें, निगम ने शोरूम मालिकों से 4.26 करोड़ रुपए टैक्स उगाही के नोटिस भेजे थे। दुकानदारों ने कहा, अंसल प्रबंधन की गलती: आउटलेट कारोबारी इसके लिए अंसल प्रबंधन को जिम्मेवार मान रहे हैं। निगम द्वारा निकाले गए बकाए का बोझ अंसल प्रबंधन उनके ऊपर डालने की कोशिश कर रहा है।
रेमंड शोरूम के रजिंदर बांसल के अनुसार अंसल प्रबंधन असेसमेंट मंे हुई गलती का हवाला देकर करीब 2 लाख रुपए का अतिरिक्त बकाया निकाल रहा है। उन्होंने बताया यदि नगर निगम ने परिसरों की सीलिंग की तो वे अंसल प्रबंधन के खिलाफ कोर्ट में चले जाएंगे। इस संबंध में अंसल के स्थानीय अधिकारी बलविंदर सिंह का कहना है कि कई दुकानदार भुगतान नहीं कर रहे हैं।