Bilaspur
अगवा भाई बहन मुक्त
भास्कर न्यूज Thursday, November 05, 2009 06:23 [IST]  

बिलासपुर. घर से ट्यूशन के लिए निकले भाई-बहन को बुधवार की तड़के अगवा कर लिया गया। घटना के करीब 16 घंटे के भीतर ही पुलिस ने उन्हें अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छुड़ा लिया। मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।



घटना मंगला में होलीक्रास स्कूल के पास हुई। यहां एलआईसी एजेंट अनिल श्रीवास्तव का मकान है। उनका बेटा रौनक (13) और बेटी मुस्कान (8) घर से थोड़ी दूर सेंट पेलोटी इंग्लिश मिडियम स्कूल में पढ़ते हैं। रौनक 8वीं और मुस्कान 5वीं की छात्रा है।
स्कूल जाने से पहले दोनों रोज सुबह होलीक्रास स्कूल के पास सीमा मिश्रा के पास ट्यूशन पढ़ने जाते थे। बुधवार की सुबह करीब साढ़े 5 बजे वे साइकिल से ट्यूशन जाने के निकले। इसके बाद वे लापता हो गए। दोनों की साइकिलें होलीक्रास स्कूल के गेट के पास पड़ी मिली।



रौनक का चचेरा भाई कुक्कू वहां से गुजरते समय साइकिलों को देखा और घरवालों को सूचना दी। मुस्कान व रौनक के गायब होने की खबर मिलते ही श्रीवास्तव के घर में हड़कंप मच गया। सभी ने मिलकर उन्हें अस्पताल, गार्डन सहित अपने परिजनों के यहां ढूंढा, पर कोई जानकारी नहीं मिली। इसी बीच सुबह करीब 10 बजे श्रीवास्तव के मोबाइल में किसी ने फोन कर दोनों बच्चों को अपने कब्जे में होने की बात कहते हुए धमकाया कि पुलिस के पास जाने पर उन्हें जान से मार दिया जाएगा। इसके बाद श्रीवास्तव व उनके परिवार के सदस्य घर आ गए और अपहर्ताओं के फोन का इंतजार करने लगे। देर रात तक अपहर्ताओं ने दोबारा फोन नहीं किया था।

नए सिम का उपयोग



आरोपियों ने योजना के तहत नया सिम खरीदा था। पुलिस ने जब उनका नंबर ट्रेस किया तो उसमें सिर्फ एक ही काल हुआ था। पुलिस को इससे परेशानी हुई। आरोपियों ने यही काम चालाकी से किया था। पुलिस दूसरे फोन का इंतजार कर रही थी। इससे पहले ही वे धर दबोचे गए।



बोलेरो किराये से ली थी



घटना को अंजाम देते समय जिस बोलेरो का इस्तेमाल किया गया था। वह सरकंडा के किसी दास की थी। आरोपियों ने उसे किराए पर लिया था। घटना के बाद उन्होंने उसे लौटा दी थी।

बच्चों को देख बिलख पड़े परिजन



बच्चों के मिलने की खबर जैसे ही उनके मांता-पिता को मिली वे परिजनों के साथ क्राइम ब्रांच के दफ्तर पहुंच गए। पुलिस यहां जैसे ही बच्चों को लेकर आई, वे उनसे लिपटकर रोने लगे। दोनों बच्चे भी उन्हें देख रो पड़े। बच्चों के चेहरे पर दहशत साफ नजर आ रही थी।



आरोपियों के परिजनों की पिटाई, घरों में तोड़-फोड़



आरोपियों के परिजनों को अपने बच्चों की करतूत के बारे में नहीं पता था, इसलिए वे अपहृत बच्चों के पिता के साथ ही घूम रहे थे। रात को जैसे ही पुलिस अपहृर्ताओं को लेकर क्राइम ब्रांच पहुंची और उनकी शिनाख्ती की गई, गुस्साए लोग आरोपियों के परिजनों पर टूट पड़े। तारबाहर टीआई नसर सिद्दिकी सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने उन्हें किसी तरह खदेड़ा। इधर मोहल्ला पहुंचने पर खदेड़े गए लोगों ने आरोपियों के घरों को निशाना बनाते हुए वहां तोड़-फोड़ की। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस वहां पहुंची और मामला शांत कराया।

  Bookmark and Share
 


अपने विचार यहां लिखें:
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: