तरावड़ी. शहर में डिग्री कालेज न होने से शहर के विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए लम्बा सफर तय कर दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। रोजाना आने-जाने में होने वाली परेशानी व समय की बर्बादी से बच्चों की शिक्षा पर बुरा असर पड़ रहा है। क्षेत्र के लोगों द्वारा कई वष्रो से कालेज की मांग को सीएम के सामने रखा जाता है।
सबसे पहले पूर्व मुख्यमंत्री चौ. भजनलाल ने इस मांग पर सन् 1994 में जीटी रोड पर स्थित जमीन पर जनता शिक्षण संस्थान के नाम से पत्थर लगाकर शिलान्यास भी किया, लेकिन जमीन के विवाद के चलते कालेज बनने का सपना अधूरा रह गया। शिलान्यास के समय लगा पत्थर आज भी खेतों की धूल फांक रहा है।
इसके बाद चौटाला सरकार के समय भी कालेज बनाने के लिए जमीन के सर्वे आदि किए गए लेकिन कालेज नहीं बन पाया। भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सामने भी तत्कालीन विधायक ने मांग को उठाया, जिस पर उन्होंने चुनाव से पहले कालेज का काम शुरू करवाने का वायदा किया।
डीसी के माध्यम से नगरपालिका तरावड़ी से कालेज के लिए जमीन की मांग भी की गई। इस पर नपा ने पार्षदों की आम बैठक में जीटी रोड के साथ लगती 12 एकड़ जमीन कालेज के लिए देने का प्रस्ताव पारित कर भेज दिया गया। परन्तु तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी जनता की यह मांग पूरी नही हो पाई।