मुंबई. विजय माल्या के नेतृत्व वाली किंगफिशर एयरलाइंस करीब 100 पायलटों की छंटनी करने जा रही है। इनमें अधिकांश ट्रेनी हैं। भारी घाटे से परेशान कंपनी को यह कदम मजबूरी में उठाना पड़ रहा है। ट्रेनी पायलटों ने अपना प्रोबेशन पूरा कर लिया है, लेकिन भारी घाटे को देखते हुए कंपनी ने उनके सर्विस कॉन्ट्रेक्ट का नवीनीकरण नहीं करने का फैसला किया है।
सूत्रों ने बताया कि इन ट्रेनी पायलटों के कांट्रेक्ट की अवधि समाप्त होने का इंतजार किया जा रहा है। अवधि समाप्त होने के बाद उसे रिन्यू नहीं किया जाएगा और छंटनी चरणबद्ध तरीके से की जाएगी। जिन पायलटों की छंटनी की जानी है, वे किंगफिशर और पहले अस्तित्व में रही एयरलाइंस कंपनी एयर डेक्कन दोनों के हैं। पिछले साल एयर डेक्कन का किंगफिशर में विलय कर दिया गया था।