करनाल. गर्मी के दिनों में प्रदेश में दूध का उत्पादन घट गया, जिससे लोगों को पर्याप्त मात्रा में दूध नहीं मिला। लोगों को दूध के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान दूध के रेट भी आसमान को छू रहे थे। इस समय प्रदेश में दूध का उत्पादन तो बढ़ा है, लेकिन दूध का रेट नहीं घटा। कई कंपनियों ने तो दूध के रेट बढ़ा दिए हैं। लोगों को गर्मी के दिनों के रेट पर ही सर्दी में दूध खरीदना पड़ रहा है।
दिवाली के बाद घटता था रेट : ऐसा माना जाता है कि दिवाली के बाद रेट में कमी आ जाती थी, लेकिन इस बार रेट ज्यों का त्यों है, जबकि वीटा व मदर डेयरी ने दूध के रेट में वृद्धि की है। डेयरी संचालकों के अनुसार गर्मी के दिनों में लोगों को सौ फैट का दूध 28 से 32 रुपए में, 60 फैट का दूध 19 से 24 रुपए तक मिल रहा था, जबकि 80 फैट का दूध 25 से 27 रुपए में मिल रहा था। हैरानी की बात तो यह है कि इस समय भी दूध के रेट ज्यों के त्यों है।
प्रदेश में दूध का उत्पादन बढ़ रहा है, रेट क्यों बढ़ा यह चिंता का विषय है। हालांकि खल के रेट बढ़े हैं, लेकिन पशुपालकों को शायद बढ़े रेट का लाभ नहीं मिल रहा। पशुपालकों को भी बिक्री के हिसाब से रेट दिया जाना चाहिए। - डा. एके श्रीवास्तव, निदेशक एनडीआरआई, करनाल