लुधियाना. पुलिस ने प्रताप नगर निवासी एक युवक को चोरी के आरोप में उठा लिया। दो दिन तक युवक को अवैध तौर पर हिरासत में रखकर पीटा। बुधवार को परिजन अदालत के समक्ष पेश हुए। अदालत ने नायब कोर्ट की डच्यूटी लगाई। इस पर घबराए पुलिस वाले युवक को प्रताप नगर के पास फेंक गए। युवक का सिविल अस्पताल में मेडीकल कराया गया है।
उधर, इस मामले में सीआईए टू के प्रभारी दिलप्रीत सिंह ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है। प्रताप नगर के रहने वाले राजकुमार ने बताया कि घटना सोमवार सुबह की है। सुबह पांच बजे किसी ने घर का दरवाजा खटखटाया। जब उन लोगों ने दरवाजा खोला, तो आधा दर्जन के करीब लोग अंदर घर घुस आए। उनका कहना है कि अंदर उनका बेटा विक्की सोया हुआ था।
उन लोगों ने आते ही विक्की को उठाया और मारपीट कर ले गए। उन लोगों ने बताया कि वे सीआईए वन आ जाएं। राजकुमार का कहना है कि इसके बाद वे विक्की की तलाश में सीआईए वन गए, लेकिन वहां वह नहीं मिला। इस पर वे लोग सीआईए टू पहुंचे। वहां विक्की अंदर मौजूद था। लेकिन उन्हें उससे नहीं मिलने दिया गया। कई अफसरों के पास जाने के बाद भी जब कोई हल नहीं निकला, तो वे लोग बुधवार को अदालत के समक्ष पेश हुए।
इस पर अदालत ने नायब कोर्ट की डच्यूटी लगाई। नायब कोर्ट जब थाने गए, तो वहां विक्की नहीं मिला। राजकुमार का आरोप है कि इसके बाद पुलिस वाले उसके बेटे को प्रताप चौक के नजदीक फैंक कर चले गए। सीआईए टू के प्रभारी दिलप्रीत सिंह का कहना है कि उन पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। उन लोगों ने किसी को भी हिरासत में नहीं रखा।