National
अंबानी बंधु विवाद की सुनवाई से दो जज हटे
Bhaskar News Thursday, November 05, 2009 06:27 [IST]  

नई दिल्ली. अंबानी बंधुओं के बीच गैस विवाद में बुधवार को तब नाटकीय मोड़ आ गया, जब सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस आरवी रवींद्रन ने खुद को इस मामले से हटा लिया। जस्टिस रवींद्रन की बेटी उस लीगल फर्म से जुड़ी हैं, जो मुकेश अंबानी समूह को कानूनी सलाह देती है। केजी बेसिन गैस विवाद की सुनवाई अब सुप्रीम कोर्ट की नई बेंच करेगी।



उधर, सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस मरकडेय काटजू ने मुकेश अंबानी के रिलायंस इंडस्ट्रीज लि. (आरआईएल) और बीपीसीएल के बीच नेप्था की आपूर्ति में कीमतों को लेकर विवाद की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। जस्टिस काटजू ने कहा है कि उनकी पत्नी के पास आरआईएल के शेयर हैं, इसलिए वे मामले से हट रहे हैं।



कोर्ट में छा गया सन्नाटा : केजी बेसिन मामले की सुनवाई के दौरान समूचे कोर्ट रूम में तब सन्नाटा छा गया, जब जस्टिस रवींद्रन ने अपने फैसले की सूचना देते हुए कहा, ‘मंगलवार को जैसे ही मुझे पता चला कि मेरी बेटी मुकेश अंबानी को सलाह देने वाली लीगल फर्म से जुड़ी है, तभी मैंने इस मामले से हटने का फैसला कर लिया।’ जस्टिस रवींद्रन ने बताया कि उनकी बेटी इस साल एक सितंबर से बेंगलुरू स्थित लॉ फर्म एजेडबी के साथ जुड़ी है। यही फर्म केजी बेसिन विवाद से जुड़े एक पक्षकार को कानूनी सलाह दे रही है।



रवींद्रन की जगह सुदर्शन रेड्डी



चीफ जस्टिस केजी बालकृष्णन ने केजी बेसिन गैस विवाद की सुनवाई कर रही तीन सदस्यीय बेंच में जस्टिस रवींद्रन की जगह जस्टिस सुदर्शन रेड्डी को नियुक्त किया है। नई बेंच गुरुवार को मामले की सुनवाई करेगी। जस्टिस रवींद्रन ने कहा, ‘मुझे लगता है कि इस मामले में न सिर्फ इंसाफ होना चाहिए, बल्कि ऐसा होते हुए दिखाई पड़ना भी चाहिए।’



उन्होंने इस बात पर खेद जताया है कि कोर्ट का छह दिन का कीमती समय बेकार हो गया। जस्टिस रवींद्रन के अनुसार, उनकी बेटी के लीगल फर्म से जुड़े होने की बात पहले ही किसी को उनके ध्यान में लानी चाहिए थी। हालांकि, कोर्ट में मौजूद मुकेश अंबानी की रिलायंस इंस्डस्ट्रीज और अनिल अंबानी की रिलायंस नैचुरल रिसोर्सेज लि. के वकीलों, हरीश साल्वे और राम जेठमलानी ने जस्टिस रवींद्रन से मुकदमे में बने रहने का आग्रह किया, लेकिन वे नहीं माने।

  Bookmark and Share
 


अपने विचार यहां लिखें:
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: