News
स्कूली बसों का भी किराया बढ़ा
गणोश भट्ट Thursday, November 05, 2009 07:15 [IST]  

नई दिल्ली. आम यात्रियों के लिए बसों का किराया महंगा बनाने के बाद अब सरकार ने स्कूली छात्रों से भी ज्यादा पैसे वसूलने की ठान ली है। डीटीसी बसों के लिए अभी तक स्कूलों से 25 रुपए प्रतिकिलोमीटर के हिसाब से किराया लिया जाता रहा है।



बुधवार को जारी किए गए एक नोटिस में मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की सरकार ने इसे बढ़ाकर 25 से 40 रुपए प्रति किलोमीटर कर दिया गया है। बढ़ा हुआ किराया छात्र-छात्राओं से वसूला जाएगा। इसका मतलब यह हुआ कि जो छात्र स्कूल बस के लिए अभी 500 रुपए प्रतिमाह अदा करते हैं अब उन्हें 800 रुपए देने होंगे।



अभिभावकों पर दोहरी मार : बस से सफर करने वाले व्यक्तियों को बस टिकट पर जहां पहले के मुकाबले चार-पांच सौ रुपए अधिक खर्च करने होंगे वहीं अपने राजधानी के बच्चों के लिए स्कूल बस पर भी तीन सौ से पांच सौ रुपए का अतिरिक्त बोझ उठाना होगा। यानी स्कूल बस के किराए पर हर महीने 600 से लेकर 1000 रुपए तक का अधिक खर्च। स्कूल बस का किराया अगले एक-दो दिनों में बढ़ना तय है। डीटीसी ने बुधवार को ही आम यात्री किराए में बढ़ोतरी कर दी थी।



मेट्रो फीडर का भी बढ़ा किराया



मेट्रो फीडर बस का किराया भी बुधवार को बढ़ा दिया गया। पहले मेट्रो फीडर बस का किराया 5 व 8 रुपए था। अब इसे बढ़ाकर 7 व 10 रुपए कर दिया गया है। मेट्रो के मुताबिक ७ किलोमीटर व उससे कम के लिए ८ रुपए व उससे अधिक के लिए 10 रुपए वसूल किए जाएंगे।



छात्रों को नए पास बनने तक राहत



जिन छात्रों ने किराया बढ़ने से पहले अपना पास बनवा लिया था, फिलहाल उन्हें राहत है। अगले तीन महीने या उसके आसपास की अंतिम तिथि तक उनसे बढ़ाई गई रकम नहीं वसूली जाएगी। नया पास बनवाने पर छात्रों को 12.50 रुपए की बजाए 100 रुपए चुकाने होंगे।



बढ़े बस किराए ने छुड़ाए दिल्लीवालों के पसीने



डीटीसी की ही राह पर चलते हुए सभी प्राइवेट ऑपरेटरों ने भी किराए में वृद्वि कर दी। बुधवार सुबह डीटीसी व प्राइवेट बसों मंे चढ़ने वाले कई यात्री बढ़े किराए को लेकर भड़क उठे। दरअसल इन लोगों को किराया बढ़ाए जाने की जानकारी नहीं थी। अन्य यात्रियों के समझाने पर इन लोगों ज्यादा रकम तो चुकता कर दी लेकिन टिकट बढ़ने का झटका उन्हें परेशान करता रहा। गाजियाबाद से पूर्वी दिल्ली स्थित ओल्ड सीलमपुर आने वाली संगीता बसों का किराया बढ़ाए जाने से काफी नाराज दिखीं। संगीता अपने घर से कश्मीरी गेट बस टर्मिनल व वहां से सीलमपुर जाती हैं। इसके लिए उन्हें १५ रुपए खर्च करने पड़ते थे। हालांकि अब संगीता को कम से कम 25 रुपए खर्च करने पड़ेंगे।



सोनिया विहार में रहने वाली छात्रा गीता यादव उन लोगों में शामिल है जिनपर बसों के बढ़े हुए किराए का सबसे अधिक असर पड़ा है। स्कूल जाने के लिए गीता साढ़े बारह रुपए के बस पास का इस्तेमाल करती थी। हालांकि अब गीता को 100 रुपए महीने चुकाने होंगे। १क्वीं कक्षा में 80 फीसदी अंक लाने वाली गीता का दर्द यह है कि एक साल में उसकी कुल स्कूल फीस भी 100 रुपए नहीं है और उसे बस पास के लिए अब हर महीने १क्क् रुपए चुकाने होंगे।



नोएडा में रहने वाले रंजीत गौड़ कॉल सेटर में काम करते हैं। गौड़ के मुताबिक आर्थिक मंदी के चलते वेतन में तो कोई बढ़ोतरी नहीं हुई लेकिन कीमतें लगातार बढ़ती ही जा रही हैं। रंजीत का कहना है कि उन्होंने महंगे होते खाद्य पदार्थो का उपभोग कम कर दिया लेकिन काम के लिए उन्हें नोएडा से दिल्ली तो आना ही होगा जिसके लिए अब हर हाल में तीन सौ रुपए मासिक अधिक अदा करने पड़ेंगे। मोती नगर निवासी वीनू पर डीटीसी व मेट्रो फीडर बस के बढ़े किराए दोनों की ही मार पड़ी है। वह मेट्रो से अपने गंतव्य तक जाने के लिए मेट्रो फीडर बस का इस्तेमाल करती हैं। वहीं उनके बच्चे डीटीसी की स्कूल बस में सफर करते हैं जिसके लिए उन्हें अब हर महीने 400 रुपए अतिरिक्त चुकाने होगें।



300 रुपए ज्यादा खचरे या करो इंतजार



मयूर विहार में रहने वाले निरंजन शर्मा मायापुरी में नौकरी करते है। मयूर विहार से मायापुरी का किराया १क् रुपए था जो अब बढ़कर 15 रुपए हो गया है। सीधे मायापुरी की बस के लिए कभी-कभी एक घंटे तक इंतजार करना पड़ता था इसलिए निरंजन प्रतिदिन बस पास बनाकर अलग अलग बसें बदलते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचते थे। हालांकि अब उनके पास डिपो पर बैठ बस का इंतजार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है क्योंकि पास बनवाने पर उन्हें 300 रुपए मासिक का नुकसान होगा।



मूल्य बढ़ोतरी पर दिल्ली सरकार का अपना ही तर्क है। सरकार का कहना है कि दिल्ली में अभी अन्य सभी राज्यों के मुकाबले किराया कम है। परिवहन मंत्री अरविंदर सिंह लवली ने पूछे जाने पर कहा कि बसों का किराया बढ़ाने से पहले अच्छी तरह विचार किया गया है व सरकार ने कम से कम किराया बढ़ाया है।

  Bookmark and Share
 


अपने विचार यहां लिखें:
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: