नई दिल्ली. दिल्ली मेट्रो की बेहतर सेवाएं न केवल दिल्लीवासियों व दिल्ली आने वाले पर्यटकों के बीच बल्कि विदेशी संस्थाओं के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है। शायद यही वजह है कि मेट्रो की ख्याति अब देश की सरहदें भी लांघ गया है।
दरअसल मेट्रो की कार्यप्रणालियों एवं सेवाओं को विश्व की सर्वश्रेष्ठ संस्था संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी सराहा है। त्वरित विकास के बावजूद पर्यावारण का विशेष ख्याल रखने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ ने डीएमआरसी को प्रमाणित किया है। राष्ट्र संघ ने कार्बन क्रेडिट कम करने के लिए डीएमआरसी को सराहा है।
डीएमआरसी के निदेशक मंडल के सामने प्रस्तुत संस्थान के प्रबंध निदेशक ई. श्रीधरन के एक प्रेजेंटेशन में दावा किया गया है कि यह ख्याति प्राप्त करने वाली डीएमआरसी विश्व का एकमात्र संस्थान है। उनके मुताबिक दिल्ली में तेजी से भारी विकास के बावजूद कार्बन क्रेडिट का विशेष ख्याल रखा गया है ताकि दिल्ली की फिजा प्रदूषित न हो। उनके मुताबिक केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान के एक अध्ययन के मुताबिक मेट्रो यात्रियों के यात्रा-समय में बचत की वजह से वर्ष 2007 में देश की तीन सौ करोड़ रुपए से अधिक संसाधनों की बचत हुई थी। गौर करने वाली बात है कि यह बचत इस वर्ष तक करीब तीन गुना यानी करीब साढ़े नौ सौ करोड़ रुपए हो गई है।
उनके मुताबिक यह बचत ईंधन की बचत, सड़क पर वाहनों की संख्या व उनके परिचालन व्यय में आई कमी, वाहनों द्वारा ग्रीन हाउस गैसों के उत्सजर्न कम होने के अलावा सड़क दुर्घटनाओं की मामलों में गिरावट की वजह से संभव हो सका।
फिर सुस्त पड़ी मेट्रो की चाल
नई दिल्ली . बुधवार को एक बार फिर मेट्रो की चाल सुस्त पड़ गई। हालांकि राहत वाली बात है कि इस बार द्वारका-यमुना बैंक लाइन के यात्रियों को सुस्त चाल का खामियाजा नहीं भुगतना पड़ा। दरअसल इस बार जहांगीरपुरी स्टेशन पर मेट्रो गाड़ी के इंवेटर में खराबी आने की वजह से करीब 12 मिनट तक परिचालन ठप रहा। हालांकि सूत्रों के मुताबिक परिचालन आधा घंटा बाधित रही। बाद में खराब हुई गाड़ी को केंद्रीय सचिवालय में संटिग किया गया। जिसकी वजह से राजीव चौक, बाराखंभा, पटेल चौक आदि स्टेशनों पर भी परिचालन बाधित रहा। यात्रियों का काफी पेरशानियों का सामना करना पड़ा। गौरतलब है कि द्वारका-यमुना बैंक स्टेशन लाइन पर परिचालन बाधित रहना आम घटना हो गया है।