Bikaner
अब बोझ नहीं 8वीं बोर्ड परीक्षा
Bhaskar News Thursday, November 05, 2009 08:10 [IST]  

बीकानेर. प्रदेश में 8वीं बोर्ड पेटर्न परीक्षा अब स्कूलों के लिए बोझ नहीं रहेगी। परीक्षा और मूल्यांकन कार्य के लिए केन्द्रों को अलग से पैसा मिलेगा। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने परीक्षा, संग्रहण और मूल्यांकन केन्द्रों के लिए अलग से खर्च की राशि तय कर दी है। इस संबंध में सभी डाइट प्रधानाचार्यो को बुधवार को आदेश जारी किए गए हैं।



मूल्यांकन केन्द्रों पर सभी उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य संपादित करने के बाद मांग प्रस्तुत करने पर संस्था प्रधान को एक हजार तथा परीक्षा प्रभारी को 800 रुपए मानदेय मिलेगा। मूल्यांकन केन्द्र पर अध्यापकों के बैठने की व्यवस्था, पेयजल, स्टेशनरी एवं अन्य कार्यो के संबंध में प्रत्येक मूल्यांकन केन्द्र के संस्था प्रधान को आकस्मिक व्यय के लिए एक हजार रुपए दिए जाएंगे।



यह निर्णय पहली बार हुआ है। मूल्यांकन कार्य के लिए केन्द्र व परीक्षा प्रभारी को काफी दौड़ भाग करनी पड़ती है और इसके लिए अलग से पैसा नहीं मिलता था। यह काम उन्हें छात्र निधि कोष या माध्यमिक शिक्षा बोर्ड परीक्षा की बची हुई सामग्री से काम चलाना पड़ता था, जिससे 8वीं बोर्ड परीक्षा उन्हें बोझ लगती थी।



इसके अलावा निदेशालय ने परीक्षा के खर्च की राशि में भी बढ़ोतरी की है। प्रत्येक परीक्षा केन्द्र पर सौपरीक्षार्थियों तक फुटकर व्यय 400 रुपए मिलेगा। उसके बाद प्रत्येक 50 परीक्षार्थियों पर 50 रुपए अतिरिक्त दिए जाएंगे। संग्रहण, वितरण केन्द्र के संस्था प्रधान को स्टेशनरी एवं अन्य आकस्मिक व्यय के लिए 750 रुपए मिलेंगे। उत्तर पुस्तिकाओं की जांच का मानदेय भी बढ़ाया है। इन सभी कार्यो के लिए पहले पैसा काफी कम मिलता था। परीक्षा केन्द्रों को दो सौ तथा संग्रहण केन्द्रों को 500 रुपए दिए जाते थे।



मूल्यांकन कार्य करने वाले शिक्षकों को पहले प्रत्येक उत्तर पुस्तिका की जांच के लिए एक रुपए मिलता था लेकिन अब तीन रुपए मिलेंगे। निदेशालय के शैक्षिक अनुभाग अधिकारी राकेश भटनागर ने बताया कि परीक्षा शुल्क बढ़ाने का निर्णय जून में ही हो गया था। शुल्क 70 रुपए करने से परीक्षा के लिए बढ़ाई गई खर्च की राशि का भुगतान करने में डाइट को परेशानी नहीं होगी।



वीक्षकों को कुछ नहीं



प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने 8वीं बोर्ड परीक्षा करवाने के बदले अलग से मिलने वाली राशि तो बढ़ा दी लेकिन केन्द्राधीक्षकों और परीक्षा लेने वाले वीक्षकों का ध्यान नहीं रखा। परीक्षा लेने के बदले वीक्षकों को अलग से कोई पैसा नहीं मिलेगा। उन्हें परीक्षा निर्धारित टाइम टेबल के अनुसार ही लेनी होगी।



8वीं बोर्ड परीक्षा करवाना मावि व उमावि परीक्षा केन्द्रों को बोझ लगती थी। क्योंकि पहले मूल्यांकन केन्द्र प्रभारी व परीक्षा प्रभारी को अलग से मानदेय देने का प्रावधान नहीं था। इस वर्ष से उन्हें भी मानदेय भी मिलेगा।



गायत्री विजय, संयुक्त निदेशक, प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय

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