मुंबई. सेंसर बोर्ड की अध्यक्ष होने के नाते शर्मिला टैगोर का काम विषयवस्तु, अंतरंग दृश्यों और संवादों के आधार पर फिल्म को सर्टिफिकेट देना होता है। ऐसे में हमने जानना चाहा कि अपनी संतान सैफ या सोहा पर फिल्माए अंतरंग दृश्यों को देखकर उनकी कैसी प्रतिक्रिया होती है? जवाब में वह कहती हैं, ‘उस वक्त मैं एक मां के रूप में उनकी फिल्म नहीं देखती हूं। मैं तटस्थ भाव से फिल्म देखती हूं। यही वजह है कि उन्हें देखते हुए मुझे किसी किस्म की झिझक या शर्मिदगी नहीं होती। वर्षो अभिनय करने के बाद मैं समझती हूं कि कभी-कभी कुछ दृश्य कलाकार को करने ही पड़ते हैं।’
वह आगे कहती हैं, ‘बतौर कलाकार किसी को भी फिल्म के प्रति पूरे समर्पण से काम करना चाहिए। मुझे खुशी है कि मेरे बच्चे बेझिझक अपना काम अंजाम दे रहे हैं।’ मामी फिल्म समारोह में शर्मिला की अपनी बेटी सोहा के साथ ‘लाइफ गोज ऑन’ फिल्म भी प्रदर्शित हुई है। इस संदर्भ में वह कहती हैं, ‘मुझे यथार्थपरक सिनेमा पसंद है। इस फिल्म की सच्चई ने भी मुझे इससे जुड़ने को प्रेरित किया। इस फिल्म की कहानी किसी आम परिवार की तरह है, जिसमें मैंने भारतीय नारी का किरदार निभाया है।’