वन्दे मातरम न गाने वाले देश के गद्दार:उद्धव ठाकरे
मुंबई. उद्धव ठाकरे ने 'जमीयत उलेमा ए हिंद' द्वारा पारित प्रस्ताव,जिसमें वन्दे मातरम गान को गैर इस्लामिक बताया हैं,पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा हैं की जो राष्ट्रीय गीत का विरोध करते हैं उन्हें पकिस्तान चले जाना चाहिए। उद्धव का कहना हैं कि इस प्रस्ताव का केन्द्रीय गृह मंत्री के सामने जारी होना बड़े दुर्भाग्य कि बात हैं। इससे साफ़ हो जाता हैं कि मुस्लिम वोटो के लिए कांग्रेस एक बार फिर अपनी पुरानी तुष्टीकरण कि नीति अपना रहा हैं।उद्धव ने कहा कि इस हालत में देश का कोई भविष्य नहीं बचता हैं। बिक चुकी कांग्रेस चाहे कुछ भी कहे पर वन्दे मातरम् सिर्फ दो शब्द नहीं हैं बल्कि ये देशभक्ति का मंत्र हैं। इसके उच्चारण मात्र से देशप्रेमी उमड़ने लगते हैं। ये देशभक्ति कि आग जगाने वाली चिंगारी हैं।
उन्होंने कांग्रेस पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि कोई नागरिक अपनी मात्रभूमि कि वंदना नहीं करेगा तो और किसकी वंदना करेगा। भारत माता कि वंदना करने में लज्जा का अनुभव क्यों हो रहा हैं। यह महज हठधर्मिता और मनमानी हैं। जो लोग भारत माता कि वंदना नहीं कर सके उन्हें पकिस्तान,बांग्लादेश या कहीं और चले जाना चाहिए। ऐसे गद्दारों के लिए यहाँ कोई जगह नहीं हैं। उनका कहना हैं कि इस प्रकार के फतवे हिन्दू मुसलमानों के बीच तनाव पैदा करते हैं। उद्धव ने अपने शिसैनिकों को राज्य भर में वन्दे मातरम के बोर्ड लगाने का निर्देश दिया।
गौरतलब हैं कि दो दिन पहले दो दिन पहले देवबंद में 'जमीयत उलेमा ए हिंद' द्वारा एक प्रताव पारित हुआ था,जिसमें वन्दे मातरम को इस्लाम के विरूद्व बताया गया था। मामला यही ख़तम हो जाता पर इस अधिवेशन के दूसरे दिन गृह मत्री पी.चिदम्बरम के शरीक होने पर विपक्षी दल बीजेपी और शिव सेना ने गृह मंत्री के वहां जाने पर कड़ा एतराज जताया था। मामले को गर्म होता देख चिदम्बरम ने बाद में बयान दिया कि मेरे वह जाने से पहले ही वन्देमात्रल सम्बन्धी प्रताव पारित हो चुका था। इस अधिवेशन में योग गुरु बाबा राम देव भी पहुंचे थे और उन्होंने वहां उपस्थित लोगों को योग के कुछ टिप्स भी सिखाए थे। उद्धव के इस बयान के बाद अब लगता हैं कि आने वालों दिनों में मामले के गरमाए रहने कि संभावना हैं।
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