सुशांत के तेवर बरकरार
धर्मशाला. चुनाव प्रचार के अंतिम दिन भाजपा के सांसद राजन सुशांत ने अपने बगावती तेवरों को बरकरार रखते हुए एक बार फिर से जहां राकेश पठानिया को ललकार लगाई है, वहीं इस बार उनके निशाने से चुनाव पर्यवेक्षक, प्रशासन व मीडिया भी नहीं बच पाए हैं।
पहले मुख्यमंत्री की मौजूदगी में और अब राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शांता कुमार की मौजूदगी में सांसद के इन बगावती तेवरों ने भाजपा को सांसत में डाल दिया है। वीरवार को फतेहपुर में आयोजित जनसभा में राजन सुशांत ने कहा कि मेरे विरुद्ध षड्यंत्र रचा जा रहा है, मैं पहले भी षडस्रयंत्रों का शिकार हो चुका हूं। चुनाव पर्यवेक्षक पर कांग्रेस के इशारों पर कार्य करने का आरोप लगाते हुए सुशांत ने कहा कि वह चुनाव आयोग के पर्यवेक्षक के रूप में नहीं, बल्कि कांग्रेस के एजेंट बनकर कार्य कर रहे हैं।
मीडिया के खिलाफ चलाना होगा जनआंदोलन
समाचार पत्रों में प्रायोजित समाचार प्रकाशित करने को लोकतंत्र के लिए घातक करार देते हुए सुशांत ने कहा कि अब आवश्यकता है कि मीडिया के इस रवैये के खिलाफ जनआंदोलन छेड़ा जाए।
भाजपा ने की प्रयोगात्मक पहल
भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शांता कुमार ने कहा कि ज्वाली उपचुनाव में भाजपा ने एक आम कार्यकर्ता को बतौर उम्मीदवार उतार कर एक नई प्रयोगात्मक पहल की है। अब ऐसे में क्षेत्र के कार्यकर्ताओं का भी कर्तव्य बनता है कि वह इस प्रयोग को न केवल सफल बनाएं, बल्कि भारी मतों से भाजपा प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित करें। प्रदेश में भाजपा की सरकार है, ऐसे में विकास को गतिमान करने के लिए ज्वाली की जनता को मात्र एक विधायक को विधानसभा भेजना है।





