आखिरी दिन दिखाई ताकत
रोहड़ू. केंद्रीय इस्पात मंत्री वीरभद्र सिंह ने गुरुवार को चुनावी रैली में भारी भीड़ जुटा कर भाजपा के सामने कड़ी चुनौती पेश की है। चुनाव प्रचार में जुटे भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों को वीरभद्र सिंह ने इस चुनावी रैली के माध्यम से रोहडू में अपने वर्चस्व का एहसास कराया।
इस रैली के बाद चुनाव मुकाबला दोनों दलों के लिए कड़ा होता दिख रहा है। साख कर सवाल बनी रोहड़ू सीट पर वीरभद्र ने प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ी है। प्रचार के आखिरी दौर में वीरभद्र सिंह ने अपना मास्टर स्ट्रोक खेल कर न केवल प्रचार में आगे चल रही भाजपा से की बराबरी कर ली बल्कि भाजपा की जीत की राह को मुश्किल बना दिय।
रामलीला मैदान में कांग्रेस प्रत्याशी मंजीत ठाकुर के पक्ष हुई रैली में हजारों लोग पहुंचे। वीरभद्र सिंह ने मंजीत ठाकुर के लिए वोट मांगे और भाजपा सरकार पर जमकर प्रहार किए। कांग्रेस के मीडिया प्रभारी पृथ्वीराज खिट्टा ने कहा कि रैली ने भाजपा की चूलें हिला कर रख दी हैं। केंद्रीय इस्पात मंत्री वीरभद्र सिंह का जलवा देखकर भाजपा बौखला गई है। मतदाता विकास करने वाली पार्टी के प्रत्याशी को ही जिताएगी। झूठे प्रलोभन देने वालों को मतदाता के गुस्से का शिकार होना पड़ेगा। मंजीत ठाकुर की जीत सुनिश्चित है।
..और धूमल ने जमीनी प्रचार से
भाजपा के स्टार प्रचारक मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने आखिरी दिन कोई बड़ी जनसभा न करके छोटी-छोटी नुक्कड़ सभाएं की। वह घर-घर जाकर लोगों से मिले और जमीनी पकड़ का एहसास कराया। धूमल का वीरवार को डोडरा क्वार का दौरा था, लेकिन उन्होंने किसी कारण उसे रद् रद्द कर दिया।
पूरे मंत्रिमंडल के साथ प्रचार अभियान में उतरे मुख्यमंत्री ने ज्यादा से ज्यादा लोगों से संपर्क कर भाजपा प्रत्याशी खुशीराम बालनाहटा के लिए वोट मांगे। भाजपा के मीडिया प्रभारी टिक्कू ठाकुर ेन कहा कि कांग्रेस की रैली में रोहडू निर्वाचन क्षेत्र से कम रामपुर, जुब्बल कोटखाई और बाहरी क्षेत्रों से ज्यादा लोग इकट्ठा थे। रैली का भाजपा पर कोई असर नहीं पड़ेगा। बालनाहटा की जीत तय है।
धूमल प्रचार में विकास को मुद्दा बना रहे हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र की सड़कों की हालत काफी खराब है। उन्हें विश्वास है कि यहां की जनता बालनाहटा को जरूर जिताएगी। धूमल ने वीरवार को स्थानीय युवक मंडलों, महिला मंडलों और पंचायत प्रतिनिधियों से मुलाकात कर प्रचार किया। अंतिम दिन धूमल के मैदानी प्रचार के कई मतलब निकाले जा रहे हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि इससे भाजपा को और मजबूती मिलेगी।











