राष्ट्रमंडल खेल बजट 1620 करोड़ पहुंचा
नई दिल्ली. राजधानी में अगले वर्ष अक्टूबर में होने वाले १९वें राष्ट्रमंडल खेलों का बजट ७६७ करोड़ रुपए से बढ़कर १६२क् करोड़ रुपए पहुंच गया है। केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने आज इस संशोधित बजट को मंजूरी दे दी।
केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने राष्ट्रमंडल खेलों के संबंध में मंत्रिमंडल के फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि मंत्रिमंडल ने खेल एवं युवा मामलों के मंत्रालय के १६२क् करोड़ रुपए के संशोधित बजट के प्रस्ताव पर विचार कर इसे मंजूरी दे दी।
यह संशोधित बजट राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति को मौजूदा सरकारी ब्याज दर पर ऋण के रूप में दिया जा रहा है। राष्ट्रमंडल खेलों के लिए पहले मंजूरी किया गया बजट ७६७ करोड़ रुपए का था। संशोधित अनुमानों के अनुसार बजट बढ़ने के लिए नए मद जैसे मान्यता नगर परिचालन, प्रायोजन और टीवी अधिकार, सुरक्षा, पर्यावरण और टिकट आदि कारण बताए गए हैं। आयोजन समिति ने बताया है कि खेलों के सफल आयोजन के लिए ये चीजें बहुत जरुरी हैं लेकिन इन्हें आयोजन समिति के शुरुआती बजट में नहीं बताया गया था।
लागत बढ़ने के अलावा यह भी कहा गया है कि क्वींस बैटन रिले के दिनों की संख्या में भी वृद्धि हो गई है और इसका अन्तरराष्ट्रीय चरण १३६ दिन से बढ़कर २४क् दिन तथा घरेलू चरण ६क् दिन से बढ़कर १क्क् दिन हो गया है। संशोधित क्वंस बैटन रिले रट में सभी ७क् राष्ट्रमंडल देश शामिल है।
वालंटियर्स की संख्या भी बढ़कर ३क् हजार पहुंच गई है जिसके कारण मान्यत्रा, कैट¨रग, वर्दी आदि का खर्चा भी बढ़ गया है। आयोजन समिति को हालांकि उम्मीद है कि १६२क् करोड़ रुपए के संशोधित बजट के मुकाबले वह लगभग १७क्८ करोड़ रुपए का राजस्व कमा लेगी। राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन अगले वर्ष तीन से १४ अक्टूबर तक होना है। इनके साथ शारीरिक रूप से अक्षम खिलाड़ियों के लिए भी खेल आयोजित किए जाएंगे।











