कव्वाली की गूंज खींच लाई छात्रों को
चंडीगढ़. पीयू कैम्पस में सुबह सार्थक और संदेशपूर्ण फिल्में देखने वालों के लिए डॉक्यूमेंटरी फिल्में दिखाई गईं तो शाम ढलते ही कव्वाली की गूंज से कैम्पस में हॉस्टलों में बैठे विद्यार्थी भी पीयू ग्राउंड पहुंच गए।
यही नहीं दिन में भी कई कार्यक्रम हुए जो विद्यार्थियों के विचारों को सामने लाने के लिए बेहतर प्लेटफॉर्म साबित हो रहे हैं। यह सब हुआ पीयू के स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन द्वारा आयोजित करवाए जा रहे ‘सोच—09’ के दूसरे दिन।
शुरुआत हुई फिल्मों से
दिन की शुरुआत हुई पंजाब यूनिवर्सिटी के लॉ ऑडिटोरियम से। यहां डॉक्यूमेंटरी फिल्में दिखाई गईं। यह फिल्में पर्यावरण, प्रदूषण, झुग्गियों में रहने वाले बच्चों के अलावा स्पेशल चिल्ड्रन पर आधारित थीं। इन फिल्मों में मास कम्युनिकेशन विभाग के विद्याथियों की सब्जेक्ट पर रिसर्च और फिल्म मेकिंग के कौशल का पता चला।
इसके बाद ‘फेसबुक’ कॉम्पीटिशन में विद्यार्थियों ने दूसरे विद्यार्थियों का मन जीत लिया। चेहरों और टी शर्ट पर हुए इस पेंटिंग कॉम्पीटिशन की थीम थी ‘दिमाग की बत्ती जलाआ’। इसके बाद ‘सच बोलता है’ के थीम पर फोटोग्राफी कॉम्पीटिशन के लिए तस्वीरों को प्रदर्शित किया गया। इन तस्वीरों से जीवन की वास्तविक्तओं से जोड़ विभिन्न पहलुओं को सामने लाया गया।
क्रिएटिविटी की रही चमक
फिर ब्रोशर डिजाइनिंग में विद्यार्थियों ने अपने क्रिएटिव और डिजाइनिंग प्रतिभा को प्रस्तुत किया। ब्रोशर डिजाइनिंग में विद्यार्थियों ने एक से बढ़कर एक डिजाइनिंग पेश किए। दूसरे सत्र की शुरुआत हुई एक्सटेम्पोर से। इस कार्यक्रम में मीडिया एथिक्स, इमिग्रेशन, एडॉप्शन जैसे मसलों के दोनों पक्षों ने अपने विचार दिए। इसके बाद मूवी एडिटिंग और वन एक्ट प्ले का भी आयोजन किया गया। इसके बाद शाम को सरदार अली कादिर ने पीयू मैदान में कव्वालियां पेश की। कव्वालियों ने पीयू में सूफियाना गायकी के सुनने वालों का खूब मनोरंजन किया।











