मिति मार्गशीर्ष कृष्ण चतुर्थी, संवत् 2066, शाके 1931, रवि दक्षिणायने, हेमंत ऋतु, हिजरी सन् 1430, 6 न
तिथि संवत- मिति मार्गशीर्ष कृष्ण चतुर्थी, संवत् 2066, शाके 1931, रवि दक्षिणायने, हेमंत ऋतु, हिजरी सन् 1430, 6 नवंबर शुक्रवार।
सूर्योदय कालीन नक्षत्र
मृगशीर्ष नक्षत्र दोपहर 2.19 तक पश्चात आद्र्रा, शिव योग तथा बालवकरण। (भारतीय समयानुसार)
ग्रह विचार
सूर्य, बुध व शुक्र- तुला, गुरु, राहु-मकर, मंगल, केतु- कर्क, शनि- कन्या तथा चंद्रमा मिथुन राशि में।
शुभाशुभ ज्ञानम़्
चतुर्थी अपराह्न् 4.53 तक मिथुन राशि का चंद्रमा पूरे दिन विद्यमान। मेष राशि के जातक मंगल प्रधान रहते हैं। मंगल का रत्न मूंगा होता है। मूंगा साहस, तथा बुद्धि प्रदान करता है।शुभ अंक- 4, रंग- हरा।
खरीदारी हेतु श्रेष्ठ समय
अपराह्न् 4.22 से 5.46 तक।
राहुकाल
प्रात: 10.46 तक 12.10 तक।
दिशाशूल
पश्चिम यदि आवश्यक हो तो जौ का सेवन कर यात्रा करें।
चौघड़िया मुहूर्त
प्रात: 6.34 से 7.58 तक चंचल, प्रात: 7.58 से 9.22 तक लाभ, प्रात: 9.22 से 10.46 तक अमृत, दोप. 12.10 से 1.34 तक शुभ, अपराह्न् 4.22 से 5.46 तक चंचल, रात्रि 8.58 से 10.34 तक लाभ
आज जन्मे बच्चें का नाम व राशि
समय नक्षत्र चरण पाया राशि जन्माक्षर
प्रात: 8.41 तक मृगशीर्ष 3 स्वर्ण मिथुन का
दोप. 2.19 तक मृगशीर्ष 4 स्वर्ण मिथुन की
सायं 7.56 तक आद्र्रा 1 चांदी मिथुन कु
रात्रि 1.34 तक आद्र्रा 2 चांदी मिथुन घ











