वनकर्मियों की जिज्ञासा का समाधान
उज्जैन. राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी स्कीम का लाभ ग्रामीणों को देने के लिए जिला पंचायत सभाकक्ष में वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को योजना की बारीकियां बताई गईं। इसमें लगभग ५क् अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे। प्रशिक्षण जिला पंचायत के परियोजना अधिकारी एस.पी. श्रीवास्तव, एकाउंट ऑफिसर श्री पालीवाल और उमेश भारती ने दिया।
साथ ही प्रशिक्षण ले रहे लोगों की जिज्ञासा का समाधान किया। प्रशिक्षण सुबह ११ से शाम ४ बजे तक चला। प्रशिक्षण के अंतर्गत योजना क्या है। योजना के लाभार्थी कौन होंगे। योजना कहां लागू होगी। योजना क्रियान्वयन के चरण क्या होंगे। मजदूर रोजगार प्राप्त करने के लिए कहां व कैसे पंजीयन कराएंगे। ग्राम पंचायत में कौन-कौन से रिकॉर्ड रखे जाएंगे। रोजगार पत्र क्या है और कैसे बनेगा, रोजगार कैसे मिलेगा।
क्या रोजगार उपलब्ध कराने की कोई समय सीमा है। मजदूरी की दर क्या होगी। मजदूरी का भुगतान किस प्रकार किया जाएगा। कार्य उपलब्ध न कराने की दशा में क्या कोई बेरोजगारी भत्ते की व्यवस्था है। मजदूरों को क्या-क्या सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। योजना के अंतर्गत कौन से कार्य किए जा सकते हैं। क्या कार्य के लिए कोई और भी शर्ते होंगी। योजना को चलाने में ग्राम पंचायत की क्या भूमिका होगी।
क्या योजना चलाने में जनपद पंचायत की कोई भूमिका है। योजना में जिला पंचायत की क्या भूमिका है। योजना के क्रियान्वयन की जवाबदारी किसकी होगी। जिला कार्यक्रम समन्वयक के रूप में कलेक्टर की क्या जिम्मेदारी होगी आदि बिंदुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। ये थे उपस्थित: प्रशिक्षण में वन विभाग के एसडीओ, रेंजर, डिप्टी रेंजर, वनरक्षक सहित कार्यालयीन स्टाफ के लगभग ५क् लोग मौजूद थे।
प्रशिक्षण से होगा लाभ
नरेगा के प्रशिक्षण से लाभ होगा। वनकर्मियों की सहभागिता बढ़ेगी और जो कार्य मशीनों से होते थे उनमें ग्रामीणों को लगाकर रोजगार दिया जाएगा। - डी.सी. व्यास, एसडीओ, वन विभाग











