कुलपति ने बताए विद्यार्थियों को अपने सपने
उज्जैन. विवि के प्रशासनिक परिसर में स्थित स्वर्ण जयंती हॉल में अध्ययनशालाओं एवं संस्थानों के विद्यार्थियों को कुलपति ने भावी योजनाएं बताईं। उन्होंने इन योजनाओं को पूरा करने की घोषणा करते हुए कहा कि विवि का सब कुछ विद्यार्थियों के लिए है। कुलपति का पदभार ग्रहण करने (18 फरवरी 2009) के बाद पहली बार डॉ. अहलावत ने सामूहिक रूप से विद्यार्थियों को गुरुवार को संबोधित किया।
छात्रसंघ द्वारा आयोजित इस अभिमुखीकरण कार्यक्रम में डॉ. अहलावत ने विद्यार्थियों के दाखिले पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि विवि आपका है और कुलपति से लेकर चपरासी तक सब आपकी प्रगति में सहायता करने के लिए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से देश के अच्छे नागरिक बनने की अपील की। कार्यक्रम में डॉ. गोपाल उपाध्याय, प्रो. प्रेमलता चुटैल, डॉ. के.एन. सिंह, डॉ. राकेश ढंड मंचासीन थे। संचालन अनिल प्रजापति एवं हिना मिश्रा ने किया। आभार छात्रसंघ अध्यक्ष कान्या जैन ने माना।
छात्राएं लक्ष्मी-सरस्वती: डॉ. अहलावत ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे लक्ष्मी और सरस्वती का रूप हैं। बस जरूरत है ऐसे कार्यो की कि समाज में अपनी पहचान बना सकें। उन्होंने व्यावसायिक शिक्षा पर चिंतन करते हुए कहा कि इस दौर में भी पुरानी परंपराओं को यथावत रखा जाना चाहिए।
ये योजनाएं बताईं : विक्रम विवि की अध्ययनशालाओं में पांच सर्वसुविधायुक्त प्रयोगशालाएं बनाई जाएंगी ताकि विद्यार्थियों को अध्ययन में सहायता मिले। आने वाले कुछ सालों में विवि में पांच स्मार्ट क्लास रूम बनाए जाएंगे, जो वातानुकूलित होने के साथ भी सभी सुविधाओं से परिपूर्ण होंगे।
यूनिवर्सिटी में विवि स्तर की सेंट्रल इंस्टूमेंट्स लैबोरेटरी का निर्माण किया जाएगा, जो विवि की पहचान बनेगी। विवि के पूरे कैम्पस का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। यह काम शुरू हो गया है, आगे और तेज गति से किया जाएगा। शहर, प्रदेश और देश में पर्यावरण की रक्षा के विद्यार्थियों को प्रेरित किया जाएगा ताकि विवि के विद्यार्थी अपनी अलग पहचान बना सकें।











