बांझ पशुओं की कोख होगी आबाद
पानीपत. बांझपन के शिकार पशु अब पशुपालकों के लिए बोझ नहीं रहेंगे। पशुपालन विभाग बांझ पशुओं की कोख को आबाद करने के लिए अभियान चलाएगा। प्रदेश के 119 ब्लाकों से दो-दो गांवों को पशुपालन विभाग ने चुना है।
इन गांवों के बांझ पशुओं का पशु चिकित्सकों की टीम मुफ्त इलाज करेगी। एक बांझ पशु के इलाज पर 600 से 700 रुपए खर्च आएगा। जिला पशुपालन विभाग के उपनिदेशक नवंबर के अंत में बांझ पशुओं के इलाज की रिपोर्ट पशुपालन विभाग के निदेशक को भेजेंगे।
ऐसे होगा इलाज
पशु चिकित्सक इलाज से 15 दिन पहले बांझ पशु को खनिज पदार्थ का मिनरल मिक्सचर और पेट के कीड़े मारने की दवा देंगे। इसके बाद पशु में जिन हार्मोन की कमी होगी, हार्मोन थैरेपी विधि से उसका इलाज किया जाएगा।
इन गांवों में होगा इलाज
जिले में पशुपालन विभाग ने इसराना ब्लाक के इसराना, बुड़शाम, मतलौडा ब्लाक से कालखा, मतलौडा, पानीपत ब्लाक से रिसालू, दिवाना, बापौली ब्लाक से बापौली, छाजपुर, समालखा ब्लाक से बिहोली व मनाना गांव का चयन किया है। इन गांवों के बांझ पशुओं का पशु चिकित्सक इलाज करेंगे।











