दिल्ली के लिए 50 नहीं 55
पानीपत. हरियाणा रोड की बसों में दिल्ली जाने वाले यात्रियों को अब अपनी जेब थोड़ी और हल्की करनी पड़ेगी। स्टेट ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने दिल्ली की तर्ज पर हरियाणा रोडवेज की बसों में पांच रुपए प्रति यात्री किराया बढ़ा दिया है। बढ़ा किराया तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
किराया बढ़ने से यात्रियों में रोष है। यात्री किराए की जानकारी करने को अफसरों से सवाल कर रहे हैं। दिल्ली सरकार ने रोडवेज को पत्र लिखकर बढ़े किराए की जानकारी दे दी है। परिवहन विभाग को बढ़े किराए पर प्रदेश सरकार की अनुमति लेनी बाकी है।
बॉर्डर लांघते ही पांच रुपए ज्यादा
दिल्ली जाने वाली हरियाणा रोडवेज की बसों में पांच रुपए अतिरिक्त किराया बार्डर लांघने के बाद ही होगा। पानीपत रोडवेज डिपो के चीफ इंस्पेक्टर ओपी खेड़ा ने कहा कि ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के नियमानुसार किराया गंतव्य प्रदेश की तर्ज पर लागू होता है। दिल्ली में पांच रुपए किराया बढ़ाया गया है। इस हिसाब से हरियाणा रोडवेज की बसों में भी बढ़ा किराया लागू होगा। उन्होंने कहा कि बार्डर या इससे पहले उतरने वाले यात्रियों पर बढ़ा किराया लागू नहीं होगा।
पांच लाख की अतिरिक्त आमदनी
प्रदेश से दिल्ली में चार मुख्य रास्तों से प्रवेश होता है। इनमें एनएच नंबर-1 कुंडली बॉर्डर, बहादुरगढ़, गुड़गांव और फरीदाबाद की तरफ से बदरपुर बॉर्डर से प्रवेश होता है। अधिकारियों की मानी जाए तो चारों मार्गों से प्रतिदिन हरियाणा रोडवेज की बसें दो हजार चक्कर लगाती हैं। एक बस में औसतन 50 यात्री सफर करते हैं। इस हिसाब से एक दिन में बस से एक लाख यात्री दिल्ली पहुंचते हैं। पांच रुपए बढ़ने से रोडवेज को पांच लाख रुपए प्रतिदिन अतिरिक्त आय होगी।
दिल्ली ने अपने क्षेत्र में किराया बढ़ा दिया है। नियमानुसार प्रदेश की बसों पर किराया लागू होगा। दिल्ली सरकार की तरफ से पत्र आया है। बढ़े किराए की प्रदेश सरकार से अनुमति ली जाएगी। - आनंद मोहन शरण, ट्रांसपोर्ट कमिश्नर, पंचकूला
किराया अठन्नी, सुविधा चवन्नी
जगमहेंद्र सरोहा. पानीपत. परिवहन विभाग मौका लगते ही रोडवेज बसों में किराया बढ़ाने से नहीं चूकता, लेकिन जब बात यात्रियों की सुविधाओं की हो तो हर कोई इसे नजरअंदाज करता है। रोडवेज बसों में सफर करते समय पूरा किराया देने के बाद भी सुविधा के नाम पर यात्रियों को वही टूटी-फूटी सीट मिलती है या फिर खड़ा होने के लिए एक कोना मिलता है।
अधिकारी बसों में सुविधाएं उपलब्ध कराना तो दूर यात्रियों से कभी ये भी पता लगाने की जहमत नहीं उठाते कि उन्हें बसों में किन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस समय रोडवेज डिपो की ज्यादातर बसों में यही हालात हैं।
शिकायत पुस्तिका गायब
नियम के मुताबिक प्रत्येक रोडवेज बस में शिकायत पुस्तिका का होना अनिवार्य है, लेकिन बहुत कम बसों में यह सुविधा उपलब्ध है। ऐसे में सफर के दौरान यात्री होने वाली दिक्कतों को शिकायत पुस्तिका में कैसे दर्ज करें। ध्यान रहे यह शिकायत पुस्तिका हर रोज अधिकारियों तक पहुंचाई जाती है। शिकायत पुस्तिका में दर्ज शिकायतों को उच्च अधिकारियों की जानकारी में लाया जाता है।
शीशों और सीटों का भी हाल बुरा
ज्यादातर रोडवेज बसों की खिड़की के शीशे और सीटों की हालत भी दयनीय है। यात्रियों को बैठने के लिए टूटी-फटी सीट मिलती हैं। इस स्थिति में यात्री कैसे सफर तय करेंगे, इसका भी सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
कम बसों में कैसे हो सफर तय
रोडवेज डिपो पानीपत में 114 बसें हैं। इनमें से 10-14 बसें हर समय सर्विस सेंटर पर खड़ी रहती है। मार्ग पर सौ बसों से भी कम चलती हैं। ट्रांसपोर्ट कमिश्नर आनंद मोहन शरण का कहना है कि यात्रियों से सफर में होने वाली परेशानियों की शिकायत पूरी करने का प्रयास किया जाता है। बस में सुविधाओं की कमी है तो उसके लिए डिपो अधिकारियों को आदेश जारी किए जाएंगे।











