उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए औद्योगिक घराने आगे आएं : सिब्बल
नई दिल्ली. मानव संसाधन विकास मंत्नी कपिल सिब्बल ने देश में उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए औद्योगिक घरानों को आगे आकर सरकार के साथ साझीदारी करने का आह्वान किया है। इसके साथ ही विदेशी विश्वविद्यालयों के भी भारत में अपने परिसर खोलने का न्यौता दिया है। श्री सिब्बल ने आज फिक्की द्वारा उच्च शिक्षा पर आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी का उद्घाटन करते हुए यह बात कही।
उन्होंने कहा कि देश में 22 करोड़ छात्न हैं जिसमें से दो करोड़ 60 लाख छात्न ही उच्च शिक्षा ग्रहण कर पा रहे हैं। इस तरह उच्च शिक्षा में दाखिले का प्रतिशत 12 है। अगर 2020 तक उच्च शिक्षा में दाखिले का प्रतिशत 30 प्रतिशत करना है तो छह करोड़ छात्न ही दाखिला प्राप्त कर सकेगें। उसके बाद भी 16 करोड़ छात्न उच्च शिक्षा से वंचित रहेंगे।
उन्होंने कहा कि इतनी बडी संख्या में छात्नों का कौशल विकास करना होगा, तभी उनका भी फायदा होगा और इसमें राष्ट्र का भी विकास होगा। उन्होंने कहा कि देश में आने वाले वषरे में में उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए औद्योगिक घरानों को आगे आना होगा। उन्होंने विदेशी विश्वविद्यालयों से भी अपील की कि वे भारत में अपने कैम्पस खोलकर यहां के छात्नों को पढाई की सुविधा प्रदान करे।
श्री सिब्बल ने कहा कि उन्होंने पिछले दिनों अपनी अमरीका यात्ना के दौरान प्रवासी भारतीयों से भी अपील की कि वे स्वदेश आकर विश्वविद्यालयों में अपनी सेवा दें। उन्होंने कहा, मैने उनसे कहा कि हम विदेशों की तरह आपको मोटी तनख्वाह नहीं दे सकते पर शैक्षणिक संस्थाओं में उच्च शोध का अवसर और माहौल देंगे।
उन्होंने पूछा कि भारत में पर्यावरण.बिजली तथा जल आदि की समस्याओं के सुलझाने के लिये विदेशों की मदद के बजाय अपने देशों में ही उसका हल निकालने का प्रयास करना चाहिये। उन्होंने कहा कि हमें इसके लिये कम लागत वाली प्रौद्योगिकी विकसित करनी होगी। यह देखते हुये हमें अपने यहां तकनीकी शिक्षा को और बढ़ावा देना होगा।











