गुजरात को जल्द ही मिलेगा 4,000 मेगा वाट उल्ट्रा मेगा पॉवर परियोजना
अहमदाबाद. केन्द्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री भारत सोलंकी ने गुरुवार को घोषणा की गुजरात को जल्द ही एक 4,000 मेगा वाट उल्ट्रा मेगा पॉवर परियोजना(यूएमपीपी) मिलेगा। यह परियोजना मुंद्रा में पहले से स्वीकृत एक परियोजना के अतिरिक्त होगा।
सोलंकी ने कहा की यूएमपीपी आयातित कोयला इस्तेमाल करेगा। इस परियोजना के लिए गुजरात सरकार ने पोरबंदर,जूनागढ़ के चारा,नवसारी के महरोली और कच्छ के मोद्वाई में जगह सुझाए हैं। सोलंकी ने कहा की यूएमपीपी 4000 मेगा वाट में से 19,00 मेगा वाट बिजली राज्य को देगा और बिजली का शुल्क 2.26 प्रति यूनिट होगा। इसके अलावा केन्द्रीय सरकार ने काकरापार बिजली सयंत्र से उत्पन्न 1400 मेगा वाट अतिरिक्त बिजली भी गुजरात को देगी।
सोलंकी ने कहा कि राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम, जो गुजरात को 982 मेगावाट बिजली की आपूर्ति करती हैं, गुजरात केंद्र सरकार के साथ सौर ऊर्जा के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करेगी।
राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत राज्य ने सौराष्ट्र में गांवों को कवर करने के लिए एजेंसी के परिवर्तन की मांग की है,जिसे केंद्र ने मंजूरी दे दी है।
जब सोलंकी से लिग्नाइट आधारित सूरत और भरूच के प्रत्येक 1,000 मेगावाट के बिजली सयंत्रों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इसमें कुछ तकनीकी बाधाएं आ रही हैं,क्योंकि राज्य ने उत्पादित बिजली का 90 फीसदी खुद के लिए मांग की थी। हालांकि, केंद्र और राज्य इस सम्बन्ध में एक फोर्मुला बना रही हैं और जल्द ही इस मसले को सुलझा लिया जाएगा।










