इंदिरा गांधी नहर में दूसरे दिन भी नहीं बढ़ा पानी
हनुमानगढ़. इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी) में गुरुवार को हरिके बैराज से कम हुआ 1770 क्यूसेक पानी शुक्रवार को भी नहीं बढ़ पाया। इससे जल संसाधन महकमे के अधिकारियों की चिंता बढ़ती जा रही है। जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह इंदिरा गांधी नहर को हरिके से 7985 क्यूसेक पानी मिल रहा था, जो दोपहर बाद घटकर 6215 क्यूसेक हो गया।
अचानक 1770 क्यूसेक पानी कम करने की सूचना मिलते ही विभाग के अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए और वे तुरंत पंजाब के लिए रवाना हो गए। गुरुवार शाम को जल संसाधन जोन (उत्तर) हनुमानगढ़ के चीफ इंजीनियर बिरदीचंद, फीडर के कार्यवाहक एक्सईएन एमएल गुप्ता, जल संसाधन खंड द्वितीय के एक्सईएन लखपतराय व एईएन रेगुलेशन जगदीपसिंह कलसी की फिरोजपुर में पंजाब के सिंचाई विभाग के अधिकारियों से वार्ता हुई।
इसमें पानी बढ़ाने पर चर्चा की गई। सूत्रों के अनुसार बैठक में पंजाब के अधिकारियों ने 1770 क्यूसेक पानी किसी और फीडर में यूज करने का कहा। इस पर चीफ इंजीनियर ने पूर्व में हुए समझौते का हवाला देते हुए पानी बढ़ाने का आग्रह किया। बाद में पंजाब के अधिकारियों ने शनिवार को पानी पूरा करने का आश्वासन दिया।
शनिवार शाम तक हरिके से पानी नहीं बढ़ने पर इंदिरा गांधी नहर परियोजना के प्रथम चरण में चल रहा रेगुलेशन गड़बड़ाने की आशंका है। इससे अधिकारियों की चिंता बढ़ती जा रही है। हरिके से पानी घटने पर भाखड़ा प्रणाली में भी 400 क्यूसेक पानी कम कर दिया गया है। दो दिन पूर्व ही भाखड़ा प्रणाली में पानी 850 क्यूसेक से बढ़कर 1250 क्यूसेक हुआ था। पानी बढ़ने पर करणीसिंह ब्रांच में 385 क्यूसेकपानी छोड़ा गया था। शुक्रवार को पानी कम होते ही इसमें जलापूर्ति बंद कर दी गई।
डीएलपी माइनर की टेल पिटी: भाखड़ा प्रणाली की डीएलपी वितरिका में क्षमता से कम पानी चलने से टेल के काश्तकार प्रभावित हुए हैं। जानकारी के अनुसार शुक्रवार को वितरिका में क्षमता से काफी कम पानी कर दिया गया। इससे टेल के किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा। बीआरपी व एसटीपी माइनर में भी पानी कम हो गया।










