आटे का कोटा दो किलो और घटाया
सोलन. सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत हिमाचल के एपीएल उपभोक्ताओं को आटे का निर्धारित कोटा नही मिल पा रहा है। केंद्र से आए कोटे के आधार पर इस बार कई जिला के लोगों को निर्धारित 14 किलोग्राम के स्थान पर 12 किलोग्राम आटा ही मिल पाएगा। पिछले माह भी केंद्र से कम अलॉटमेंट की वजह से एपीएल उपभोक्ताओं को पूरा कोटा नहीं मिल पाया था।
लगातार हो रही कटौती
पीडीएस पर बढ़ते दबाव के कारण प्रदेश के लिए केंद्र आने वाले राशन के कोटे में लगातार कटौती हो रही है। आटे का कोटा 25 किलोग्राम से 14 किलोग्राम तक पहुंच गया है, लेकिन अब प्रति राशन कार्ड 14 किलोग्राम भी नहीं मिल पा रहा है। सोलन जिला को मिले आटे के कोटे के आधार पर नवंबर में प्रति राशन कार्ड 12 किलोग्राम ही मिल पाएगा। हालांकि बीपीएल और अंत्योदय के कोटे में कोई कटौती नहीं हुई है।
केंद्र से आए आटे के कोटे में से सभी जिलों को अलॉटमेंट कर दी गई है। प्रदेश में इस समय 15.73 लाख एपीएल उपभोक्ता हैं। ओपन मार्केट में राशन के दाम में भारी बढ़ौतरी होने से पूरा भार पीडीएस पर पड़ रहा है। पहले कई राशन कार्ड धारक खुले बाजार से भी खाद्य सामग्री की खरीद करते थे, लेकिन अब सभी अपने कोटे का राशन लेने लगे हैं जिससे कोटे में कमी आ रही है। सोलन जिला में इस समय 84,215 एपीएल कार्ड धारक हैं। इस हिसाब से यहां 11.79 हजार क्विंटल आटे की जरूरत पड़ती है, लेकिन इस माह के लिए कोटा 10 हजार क्विंटल का मिला है। दूसरे जिलों को भी इसी हिसाब से आटे का कोटा मिला है।
सभी राशन कार्ड धारकों को पीडीएस के तहत राशन देना सुनिश्चित किया जा रहा है। बाजार में खाद्य वस्तुओं के दाम पर चैक रखने के लिए समय-समय पर दुकानों का निरीक्षण किए जा रहे हैं।
केआर चौहान, जिला खाद्य नियंत्रक










