जल्द कम होगा नई बसों का किराया!
शिमला. किराया कम करने को लेकर सरकार और आम लोगों के बीच की लड़ाई में आखिर जनता की जीत होती नजर आ रही है। सरकार अब जवाहर लाल नेहरू नेशनल अर्बन रिनुअल मिशन (जेएनएनयूआरएम) के तहत शहर में चल रही बसों का किराया कम करने पर गंभीरता से विचार कर रही है।
एक माह से इन बसों में अधिक किराया लेने के कारण सरकार और परिवहन निगम की काफी किरकिरी होने कारण अब किराया कम करने के संकेत दिए हैं। सरकार चुनाव आचार संहिता के हटने का इंतजार कर रही है। जैसे ही आचार संहिता हटती है सरकार किराया कम करने को लेकर घोषणा कर सकती है।
शुक्रवार को परिवहन मंत्री और एचआरटीसी के कुछ आला अधिकारियों के साथ हुई विशेष बैठक में किराया कम करने पर विचार विमर्श किया गया, लेकिन बड़ी बात यह है कि यह किराया सिटी में कम नहीं होगा। सिटी में वही फिक्स किराया लिए जाने का विचार है। जो बसें पंचायत क्षेत्रों में जा रहीं हैं सिर्फ उन्हीं बसों में किराया कम होने की संभावना है। ग्रामीणों के विरोध के बाद और शहर में चक्कजाम करने की धमकियों के कारण सरकार को अपना रुख नर्म करने का फैसला किया है।
शहरी क्षेत्र की बसें ग्रामीण में लगाई
केंद्र सरकार ने मिशन की इन बसों को शहरी क्षेत्रों में चलाने के लिए दी थी। लेकिन यहां भी निगम प्रबंधन ने अपनी मनमानी कर केंद्र की बसों को नियमों के बाबर ले जाते हुए नगर निगम क्षेत्रों से बाहर पंचायतों में भेजनी आरंभ कर दी है। शहर से लगती लगभग सभी पंचायत क्षेत्रों के लिए निगन प्रबंधन ने इन बसों को लगाया है। परिवहन निगम की जो बसें इन रूटों पर चलती थी निगम ने उन्हें दूसरे यूनिटों में भेज दी है।










